logo

संकल्प से समाधान अंतर्गत हितग्राही योजनाओं के लाभ से शेष न रहें-कमिश्नर

प्राकृतिक खेती को बढावा देने 17 स्थानों पर बायो रिसोर्स सेंटर बनाये जायेंगे

संभागायुक्त ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की
श्योपुर, 18 जनवरी 2026
कमिश्नर चंबल संभाग श्री सुरेश कुमार ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान अंतर्गत शासन की मंशानुरूप योजनाओं के लाभ से शेष शत प्रतिशत हितग्राहियों को पात्रतानुसार लाभ प्रदान किया जायें। इस अभियान के तहत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी हितग्राही योजनाओं के लाभ से शेष न रहें। वे आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सौम्या आनंद, अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय, एसडीएम श्योपुर श्री गगन सिंह मीणा, कराहल श्री बीएस श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर श्री संजय जैन एवं श्री विजय शाक्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
संभागायुक्त श्री सुरेश कुमार ने 12 जनवरी से 31 मार्च तक आयोजित किये जा रहे संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि प्रथम चरण में शिविरो के माध्यम से सभी 106 योजनाओं में पात्रतानुसार हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त कर उन्हें पोर्टल पर दर्ज किये जायें, इसके लिए डोर टू डोर भी अभियान चलायें जायें। संबंधित विभाग प्राप्त आवेदनों का तत्काल निराकरण कर पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसके बाद द्वितीय चरण में कलस्टर लेबल के शिविर आयोजित होगे और इसी प्रकार तृतीय चरण में विकासखण्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जायेगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को लाभ का वितरण सुनिश्चित किया जायें। उन्होेनें कहा कि कलस्टर लेबल पर आयोजित शिविरो के साथ ही नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किये जाये तथा हितग्राहियों को चश्मो का निशुल्क वितरण सुनिश्चित किया जायें। मुख्यमंत्री बाल हद्य योजना सहित ब्रेस्ट कैंसर के रोगियों का चिन्हांकन भी शिविरो के दौरान किया जायें। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरो के दौरान मेडिकल कैम्प भी लगाये जायें। उन्होंने निर्देश दिये कि 8 मार्च तक विद्यालयों में बालिका शौचालयों का निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जायें।
संभागायुक्त श्री सुरेश कुमार ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जायें। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में प्राकृतिक खेती के लिए 25 कलस्टर बनाकर लक्ष्य अनुसार 3 हजार 125 किसान चयनित किये गये है तथा प्राकृतिक खेती के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु 50 कृषि सखी भी एनआरएलएम के माध्यम से चयनित की गई है। प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए जिले में 17 स्थानों पर बायो रिसोर्स सेंटर स्थापित करने के लिए इच्छुक किसानों, फार्मर प्राड्यूसर ऑर्गेनाईजेशन, गौशालाओं से आवेदन आमंत्रित किये गये है तथा अभी तक 06 आवेदन प्राप्त हुए है, इन रिसोर्स सेंटर को कृषि विभाग के माध्यम से 1 लाख रूपये की राशि अनुदान के रूप में दी जायेगी, रिसोर्स सेंटर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गोबर की जैविक खाद के साथ ही जीवामृत, बीजामृत आदि जैविक उत्पादों की मूल्य आधारित आपूर्ति करेंगे। इस प्रकार प्राकृतिक खेती के लिए कलस्टर तैयार करने का कार्य प्रारंभिक चरण पर शुरू किया गया है।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि वेजीटेबल कल्टीवेशन के लिए 3 कलस्टर बनाये गये है तथा पीएमएफएमई योजना में 76 इकाईयों के लक्ष्य के विरूद्ध अभी तक 65 प्रकरण बैंको में स्वीकृति के लिए भेजे गये है, जिनमें से 32 प्रकरण हितग्राहियों को वितरित करे दिये गये है।
संभागायुक्त श्री सुरेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना अंतर्गत सभी हितग्राहियों सहित 70प्लस सभी वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आंगनबाडी केन्द्रो के माध्यम से बच्चों की नियमित मॉनीटरिंग की जायें तथा आवश्यकता की स्थिति में एनआरसी में बच्चों को भर्ती कराकर स्वास्थ्य तथा पोषण लाभ प्रदान किये जायें। बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने के लिए अभिभावको को प्रेरित करने हेतु योजना से अलग विशेष प्रोत्साहन के रूप में न्यूट्री बास्केट वितरण आदि नवाचार किये जा सकते है। इस अवसर पर मत्स्य विभाग, जिला विपणन संघ, कॉपरेटिव, पशुपालन आदि विभागों की समीक्षा भी की गई।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने बताया कि जिले में प्राकृतिक खेती के कलस्टर बनाने सहित सब्जी उत्पादन के कलस्टर विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। मसाला क्षेत्र विस्तार अंतर्गत मिर्ची कलस्टर बनाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। किसानों को उर्वरक वितरण की सुगमता के लिए ई-विकास प्रणाली भी शुरू कर दी गई है। अंधत्व निवारण अंतर्गत 6 स्वास्थ्य संस्थाओं पर नेत्र परीक्षण शिविर लगाये जा रहे है। उन्होंने जानकारी दी कि संकल्प से समाधान अंतर्गत नगरीय निकायों में वार्डवार एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सहित ग्राम स्तर पर शिविर लगाकर आवेदन प्राप्त करने का कार्य किया जा रहा है तथा अभी तक 5 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके है, जिनका निराकरण संबंधित विभागों के माध्यम से किया जा रहा है।
अटल प्रोग्रेस-वे के एलायनमेंट के आधार पर तैयारी करें
संभागायुक्त श्री सुरेश कुमार ने राजस्व अधिकारियों की बैठक के दौरान निर्देश दिये कि अटल प्रोग्रेस-वे के एलायनमेंट के आधार पर प्रारंभिक तैयारियां शुरू की जायें। सभी नायब तहसीलदार, तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र में अटल प्रोग्रेस-वे के एलायनमेंट अनुसार भूमि का आंकलन सुनिश्चित कर ले। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये कि संकल्प से समाधान अंतर्गत अविवादित नामांतरण, बटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जायें, अभियान के तहत कोई भी अविवादित नामांतरण, बटवारा, सीमांकन लंबित न रहें। इसके साथ ही उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के तहत हितग्राहियों को प्रदाय किये गये पट्टों पर बैंको के माध्यम से केसीसी जारी कराना सुनिश्चित किया जायें। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि कुल 3 हजार 69 वन अधिकार पट्टाधारियों में से 1256 को केसीसी के लाभ से जोड दिया गया है, शेष के लिए प्रक्रिया की जा रही है।

उत्तम सिंह श्योपुर/ मध्यप्रदेश

8
1191 views