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बहराइच: ऑपरेशन रेस्क्यू टाइगर सफल, 72 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया बाघ सुलोचना और डायना की अहम भूमिका, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

बहराइच जिले के रामगांव इलाके के रेहुआ मंसूर गांव में पिछले चार दिनों से गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बाघ को आखिरकार वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। लगातार 72 घंटे तक चले सघन ऑपरेशन के बाद वन विभाग को यह बड़ी सफलता मिली है।
बाघ के रेस्क्यू के लिए वन विभाग की टीम दिन-रात कांबिंग अभियान में जुटी रही। ऑपरेशन को और प्रभावी बनाने के लिए दुधवा नेशनल पार्क से दो प्रशिक्षित हथिनियाँ—डायना और सुलोचना—मंगाई गईं, जिनकी मदद से गन्ने के घने खेतों में छिपे बाघ की लोकेशन ट्रेस की गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में दोनों हाथियों की भूमिका बेहद अहम रही।
वन विभाग के अनुसार रेस्क्यू किया गया बाघ करीब 5 वर्ष का है और उसका वज़न 200 किलोग्राम से अधिक बताया जा रहा है। बाघ के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कई दिनों से दहशत का माहौल बना हुआ था।
डीएफओ बहराइच सुन्दरेश ने बताया कि रेस्क्यू किए गए बाघ को फिलहाल बहराइच मुख्यालय लाया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार बाघ को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़े जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वन विभाग की इस कार्रवाई को मानव-वन्यजीव संघर्ष के बीच एक अहम सफलता माना जा रहा है, जिससे न सिर्फ बाघ की जान बची है बल्कि ग्रामीण आबादी को भी बड़ी राहत मिली है।

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