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सुकेत में हिंदू सम्मेलन ,समाजबंधुओं को एक रहने-संगठित रहने और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान* *समाज को एकता, संस्कार और समरसता की जरूरत : निंबाराम



कस्बे में शनिवार को आयोजित हिन्दू सम्मेलन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता का उदाहरण बना।

सम्मेलन के प्रारंभ में जलदाय विभाग टंकी चौराहा से कलशयात्रा एवं शोभायात्रा की शुरुआत की गई। जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान खूब जयकारे लगाए गए। जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
शोभायात्रा के बाद आयोजित धर्मसभा में संत-महात्माओं समाजबंधुओं को एक रहने-संगठित रहने और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। हिन्दू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में हिंदू समाज की एकता, संस्कारों की रक्षा एवं सामाजिक समरसता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

*संतों के प्रेरक उद्बोधनों ने धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र के प्रति जागरूकता का संदेश दिया*

सम्मेलन में कस्बे के अलावा नयागांव, बीडमंडी, अरनिया, सुरेडा, डिंगसी, झिलारा, सलावद गांवों से भी ग्रामीणों ने भाग लिया। धर्मसभा को महंत बजरंगदास त्यागी संत मंडल कोटा एवं रामदास महाराज के शिष्य विदेहीनंदन, महंत पवन दास त्यागी का विशेष सानिध्य मिला। संतों के प्रेरक उद्बोधनों ने धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। धर्मसभा के दौरान शिक्षा, सामाजिक सेवा, संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली स्थानीय प्रतिभाओं का मंच पर सम्मान किया गया। सम्मान समारोह में प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका

उत्साहवर्धन किया गया। धर्मसभा के उपरांत समरसता भोजन का आयोजन किया गया। जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर सहभागिता की। इस आयोजन ने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान नगर भगवा ध्वजों, जयघोष और भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। हिन्दू सम्मेलन के सफल आयोजन से संपूर्ण कस्बा भगवामय नजर आया।

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