
कैनविज घोटाला: CMD कन्हैया गुलाटी फरार, सहयोगी खुलेआम — पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में
हज़ारों निवेशकों की कमाई फँसी, मानसिक टूटन के कगार पर परिवार
(विशेष रिपोर्ट)
कैनविज कंपनी के करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में CMD कन्हैया गुलाटी के फरार होने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब मुख्य आरोपी भाग चुका है, तो उसके साथ मंच साझा करने वाले, निवेश जुटाने वाले और ज़मीन पर काम करने वाले लोग आज भी आज़ाद क्यों हैं?
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के प्रचार और निवेश संग्रह में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कई चेहरे खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि हज़ारों निवेशकों की गाढ़ी कमाई फँसी हुई है।
‘कितने में बिक गई व्यवस्था?’
पीड़ित निवेशकों का आरोप है कि जिन पैसों से उनके सपने टूटे, वही पैसा कहीं न कहीं कार्रवाई को धीमा करने की वजह बन गया।
लोग पूछ रहे हैं —
क्या पुलिस पर दबाव है?
या फिर कानून के रक्षक ही भक्षक बनते जा रहे हैं?
निवेशक आत्महत्या की स्थिति में
घोटाले से प्रभावित कई निवेशक गंभीर मानसिक तनाव में हैं।
परिवारों का कहना है कि घर चलाना मुश्किल हो गया है, बच्चों की पढ़ाई रुक गई है और कुछ मामलों में आत्महत्या जैसे विचार सामने आ रहे हैं।
इसके बावजूद अब तक न तो सभी जिम्मेदारों की गिरफ़्तारी हुई, न ही ठोस राहत।
कानून व्यवस्था की अग्निपरीक्षा
जब
मुख्य आरोपी फरार हो,
उसके सहयोगी सुरक्षित हों,
और पीड़ित न्याय के लिए भटक रहे हों —
तो यह मामला सिर्फ एक कंपनी का नहीं, बल्कि पूरी कानून व्यवस्था की साख का सवाल बन जाता है।
अगर ऐसे मामलों में भी सख़्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी न्याय पर भरोसा कैसे करेगा?
अब ज़रूरत है कि यह मामला फाइलों से निकलकर ज़मीनी कार्रवाई तक पहुँचे, ताकि निवेशकों को इंसाफ़ मिल सके।