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*क्रियटिभ चिल्ड्रेन होम मान्टेश्वरी के अभिभावकों से अन्तरक्रियात्मक कार्यशाला* फोटो 01 रुपईडीहा बहराइच पड़ोसी मित्र राष्ट्र उप महानगरपालिका नेपालगंज

*क्रियटिभ चिल्ड्रेन होम मान्टेश्वरी के अभिभावकों से अन्तरक्रियात्मक कार्यशाला*
फोटो 01
रुपईडीहा बहराइच पड़ोसी मित्र राष्ट्र उप महानगरपालिका नेपालगंज बाँके जिला नेपालगन्ज के क्रियटिभ चिल्ड्रेन होम मान्टेश्वरीले बालबालिकाओं के अभिभावकों से अन्तरक्रियात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया ।
उप–महानगरपालिका वार्ड नंबर 12 बेलासपुर स्थित क्रियटिभ चिल्ड्रेन होम मान्टेश्वरी ने पहली बार अभिभावकों से अपने विद्यालय के परिसर में इस प्रकार की कार्यशाला सम्पन्न की है ।
अभिभावकों को प्रारम्भिक बालविकास की परिचय, महत्व, अभिभावको प्रकार के बारे जानकारी कराना, अभिभावकों से अपने बालबालिकाओं के जीवन में आया सकारात्मक परिवर्तन के बारे में अनुभव आदान प्रदान करना, विद्यालय के व्यवस्थापकीय तथा शैक्षिक गतिविधि के बारे जानकारी, समीक्षा करना, विद्यालय कीे आगामी शैक्षिक सत्र में करने वाली कार्यक्रम बारे जानकारी कराने की उद्देश्य से आयोजन किया गया वह कार्यशाला में अभिभावकों ने सक्रिय रुप से सहभागी हुये थे । वह कार्यशाला में विद्यालय की संस्थापक रेणु शेरचन से प्रारम्भिक बालविकास की परिचय, मान्टेश्वरी शिक्षा प्रणाली की अवधारणा, महत्व और फाइदा के बारे में विद्युतीय शैक्षिक सामाग्री की प्रयोग करके स्पष्ट रुप से प्रकाश डाली थी । संस्थापक रेणु शेरचन ने अभिभावकों से प्रारम्भिक बालविकास माँ के गर्भ से लेकर 8 वर्ष तक होती है उस चीज की जानकारी कराते हुये इस के लिए अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती उस विषय पर प्रकाश डाली थी । क्रियटिभ चिल्डेन होम के प्रिन्सिपल तथा संस्थापक खिमा थापा ने वह कार्यक्रम में
अभिभावकों को स्वागत करते हुये कार्यक्रम के बारे में अपनी प्रस्तुती की थी । संस्थापक खिमा थापा की अनुसार अभिभावकों को सहभागितामूलक विधि से कक्षा शिक्षकों से चार समूह में विभाजन करके प्रत्येक समूह को खेलते हुये सीखना क्रियाकलाप जैसे भाषा, पूर्व गणित, सामाजिक तथा सिर्जनात्मक क्रियाकलाप एक एक करके प्रयोग करने के लिये लगाया गया था इस प्रकार की क्रियाकलाप से बालबालिकाओं का सर्वाङ्गीण विकास कराया जा सकता है उस विषय को महसूस कराया गया था
इस के साथ ही संस्थापक खिमा थापा से अभिभावकों के प्रकार के बारे में जानकारी कराते हुये हम लोग कैसे अभिभावक बने वह विषय में बातचीत किया गया था । इय से अभिभावकों ने अपने बालबालिकाओं के लिये मैं कैसे अभिभावक रुे वह बारे भी समझने को लगाया गया थाअभिभावककों कक्षागत रुप में विभाजन करके प्रश्न लिखा हुआ कागज वितरण करके सामूहिक बातचीत करके लिखना लगाकर समूह नाइके से प्रस्तुत कराया गया था वह कार्यशाला बैठक में किया गया क्रियाकलापों में कियटिभ चिल्ड्रेन होम के अभिभावककों ने रुचि के साथ सक्रिय रुप में सहभागी हुये थे । वह कार्यशाला में अभिभावक और शिक्षिका समेत करीब 40 लोगों की सहभागिता रही थी वह अन्तरक्रियात्मक कार्यशाला के बाद में अभिभावकको से आया सकारात्मक पक्षों में कुछ अभिभावकको अपने बच्चों ने घर में खाना खाने के लिये नही मानते थे अब पहले से सहज हुआ है, बोल नही पाते थे वो बच्चे बोलने लग रहे हैं सकारात्मक परिवर्तन के बारे में अपनी अनुभव सुनाये थे । अटिज्म के समस्या हुये कुछ बच्चे भी क्रियटिभ चिल्ड्रेन होम मान्टेश्वरी में लाने के बाद में सुधार आया है बताया ।
इसी तरह वह कार्यक्रम में अभिभावक समीर श्रेष्ठ ने अपने लडका को इस पहले दो मान्टेश्वरी में रक्खा था लेकिन कोई परिवर्तन नही पाया औ जब इस मान्टेश्वरी में भर्ना कराया उस के बाद लडका अपने आप ही काम करना सिखा है, बोलना सिखा, दोसरों को आदर करना सिखा अनुभव सुनाया ।
अइसे ही अभिभावक दिप्ति शर्मा ने भी अपनी बिचार रखते हुये कही हमारा लडका भी क्रियटिभ में रखक। एकदम क्रियटिभ हुआ है , बच्ची 10 वर्ष की है तो भी उन को अपनी काम करने के लिये कहना पडता है लेकिन 5 वर्ष का लडका है तो उस को अपनी सभी काम अपना स्वयं करता है और पढाई लिखाई और अतिरिक्त क्रियाकलाप में समेत उतना ही अव्बल है बताया । उन्हों ने विद्यालय प्रति की धारणा इतना पोजेटिभ है कि विमार रहते भी घर में बैठने के लिए नही मानता है और विद्यालय में शत प्रतिसत हाजिर होकर भी कार्यशाला में जानकारी करायी ।
वह कार्यक्रम में अइसे ही अभिभावक प्रतीक रेग्मी ने भी बिचार रखते हुये कहा हमारी बच्ची भी करीब 6÷7 महीने से अच्छी तरीके से खाना नही खाती थी, लेकिन क्रियटिभ में लाने के बाद में 6 महीने के अन्दर खाना खाती है मिलकर बैठती है, सामान बाँडकर खेलना सिखी है लगायत की सकारात्मक परिवर्तन आयी है अपनी अनुभव सुनाया । अभिभावक दिलिप पंँगाली ने भी अपने बच्चें को क्रियटिभ में रखने से इतना ज्यादा और अच्छा नतिजा आएगा मैं नही सोचा था, अभी तो जो बिद्यालय ने दी क्रियाकलाप, सेवा सुविधा से मैं अत्यन्त ही सन्तुष्ट रहा हूँ कहते हुये । इस लिए शिक्षक से पहले हम अभिभावक लोगों ने समेत जानता जरुरी है प्रारम्भिक बाल बिकास के बारे में अधिक बातो में हम अभिभावक क्यों पीछे पडते हैं जानकारी के लिए विद्यालय परिवार को धन्यवाद समेत दिया था ।
समूहगत प्रस्तुति में अभिभावककों ने सूचना सम्प्रेषण, सिखायी सामाग्री पर्याप्तता, शिक्षकों की सकृयता, सर्जनशील व्यवहार, सरसफाई, स्वस्थकर खाना आदि बाते अच्छी रही है प्रस्तुत किया था । उसके बाद में अभिभावककों सहभागितामूलक विधि से कक्षा शिक्षककों से चार समूह में विभाजन करके प्रत्येक समूह को खेलते हुये सीखने की क्रियाकलाप जैसे भाषा, पूर्व गणित, सामाजिक तथा सिर्जनात्मक क्रियाकलाप बारी बारी करना लगाया गया था । उल्लेखनीय यह है कि बि.सं. 2072 साल में स्थापित क्रियटिभ चिल्डे«न होम मान्टेश्वरी ने इस पहले “सिखाई क लिये स्वास्थ शरीर, स्वस्थ शरीर के लिये खेल” मूल नारा के साथ अभिभावक और बालबालिकाओं के वीच खेलकुद, अपने बालबालिकाओं की सर्वाङ्गिण विकास के लिये विभिन्न रोचक और रचनात्मक कार्यक्रम करते आयी है तो भी अभिभावक और बालबालिकाओं के साथ सहभागी कराकर एक ही खेल में खेलाया गया था, शैक्षिक सामाग्री तथा प्रयोग विधि प्रदर्शनी, बालबालिकाओं की सर्वाङ्गिण विकास के लिये शैक्षिक सिखाई, क्रियाकलाप और मान्टेश्वरी विधि प्रस्तुत करके अभिभावकओं को जानकारी कराना लगायत के रचनात्मक कार्यक्रम तथा पठन पाठन की साथ विभिन्न अतिरिक्त क्रियाकलाप और खेलकूद लगायत के ज्यादा गतिविधियाँ सञ्चालन करते हुये शैक्षिक सामाग्रीयाँ स्कूल की नियमित पठन पाठन मान्टेश्वरी की विधि अनुसार एक मजबूत सिखाई क लिये सिखाई कराते आया गया है वह मान्टेश्वरी की संस्थापक तथा प्रिन्सिपल खिमा थापा ने बतायी ।
मान्टेश्वरी एशोसिएसन बाँके जिला की सचिव समेत रही क्रियटिभ चिल्ड्रेन होम मान्टेश्वरी की संस्थापक प्रिन्सीपल खिमा थापा ने मान्टेश्वरी स्कूल, अभिभावक और बालवालिका वीच कीे सम्बन्ध सकारात्मक और प्रभावकारी बनाना, प्रारम्भिक बाल विकास पाठ्यक्रम में आधारित विषयवस्तु अन्तर्गत कीे सिखाई, सामाग्री व्यवस्थापन और सिखाई विधि प्रस्तुत करके पुस्तक बिना भी सिखने की अभ्यास भी सम्भव है वह बात बतायी ।
सिखाई की दूसरी तरीका स्थानीय कच्चा पदार्थ और फालतू गया काम ना लगने वाली सामाग्री प्रयोग करके हस्त निर्मित सुन्दर तथा आकर्षक शैक्षिक सामाग्री तयार किया जा सकता है उस उदाहरण प्रदर्शनी मार्फत् अभिभावक और बालवालिकाओं को भी सचेत गराना भी प्रदर्शनी की भी समय समम में आयोजन करते आ रही है प्रिन्सिपल खिमा थापा ने बतायी । रिपोर्टर Mohd Younus ansari UFT

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