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अवैध खनन पर जिला प्रशासन सख्त: 1265 टन बालू जब्त, 10 एफआईआर, 15 वाहन सीज — जल्द होगी जब्त खनिज की नीलामी

जमशेदपुर | 17 जनवरी 2026
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला खनन टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएफओ श्री सबा आलम अंसारी, एसडीएम धालभूम श्री अर्नव मिश्रा, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) श्री राहुल जी आनंद, डीटीओ श्री धनंजय, एसडीएम घाटशिला श्री सुनील चंद्र, डीएमओ श्री सतीश नायक सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सभी अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
पिछले एक माह में बड़ी कार्रवाई
बैठक में दिसंबर 2025 से 16 जनवरी 2026 तक अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की गई। इस अवधि में कुल 1265 टन बालू खनिज की जब्ती, 10 एफआईआर दर्ज तथा 15 वाहनों की जब्ती की गई। वहीं वर्ष 2025 में जिले में 68 एफआईआर, 151 वाहन, 10,224.64 मीट्रिक टन खनिज की जब्ती और ₹51.92 लाख का जुर्माना वसूला गया।
गुड़ाबांदा में ढिलाई पर नाराजगी
बालू के अवैध कारोबार को लेकर गुड़ाबांदा प्रखंड में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध खनिज कारोबारियों के विरुद्ध नेतृत्व करते हुए कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि एफआईआर और वाहन जब्ती की संख्या में और वृद्धि अपेक्षित है।
जब्त बालू की जल्द नीलामी के निर्देश
उपायुक्त ने न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर जब्त बालू की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने और राजस्व को सरकार के खाते में जमा कराने के निर्देश डीएमओ को दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अंचल में अवैध खनन या परिवहन पाए जाने पर संबंधित अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी जवाबदेह होंगे।
बालू घाटों की नीलामी में प्रगति
डीएमओ ने जानकारी दी कि आगामी एक माह में गुड़ाबांदा प्रखंड में ग्रुप-ए के दो बालू घाट तथा बहरागोड़ा में ग्रुप-बी के एक बालू घाट का संचालन शुरू होने की संभावना है।
समन्वित अभियान पर जोर
उपायुक्त ने ईंट भट्टों के अवैध संचालन एवं खनिजों के अवैध कारोबार पर रोक के लिए खनन, पुलिस, वन, परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को आपसी तालमेल और त्वरित सूचना आदान-प्रदान के साथ संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा की सुरक्षा, राजस्व वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनहित व राज्यहित में खनन गतिविधियां पूरी तरह कानून के दायरे में संचालित हों—इसके लिए प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा।
— आनंद किशोर
ब्यूरो चीफ, अखंड भारत न्यूज़
ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन

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