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श्री विश्वकर्मा बस बॉडी बिल्डर्स एसोसिएशन

राजस्थान राजसमंद


श्री विश्वकर्मा बस बॉडी बिल्डर्स एसोसिएशन, नाथद्वारा–उदयपुर की ओर से बस बॉडी निर्माण से जुड़े लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर नाथद्वारा के समीप लाल मादड़ी में सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ मुख्य अतिथि एवं विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ ने अध्यक्षता की ।
सम्मेलन में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बस बॉडी निर्माण से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं को लेकर सांसद एवं विधायक को मांगपत्र सौंपा। इस अवसर पर बताया गया कि विश्वकर्मा सुथार समाज पिछले 80 वर्षों से अधिक समय से राजस्थान में सरकार के नियमों की पूर्ण पालना करते हुए बस बॉडी निर्माण का कार्य कर रहा है। यह उद्योग सूक्ष्म एवं लघु उद्योग की श्रेणी में आता है, जिस पर लाखों लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर हैं।
पदाधिकारियों ने बताया कि हाल ही में जैसलमेर में हुई बस दुर्घटना के बाद बस बॉडी निर्माण को ही दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया जा रहा है, जबकि व्यवहारिक रूप से सड़क दुर्घटनाओं के कई कारण होते हैं। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की एफएसएल जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। इसके बावजूद इस क्षेत्र पर कठोर नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे हजारों उद्यमियों, कारीगरों व श्रमिकों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
ये रखीं प्रमुख मांगें
ज्ञापन में पंजीकरण एवं लाइसेंस नियमों के सरलीकरण, लाइसेंस शुल्क में कमी, 1 सितंबर 2025 से लागू होने वाले बस बॉडी निर्माण कोड संख्या 119, 52 एवं 53 की जटिलताओं को कम करने, उद्योग में एक-दो प्रशिक्षित कार्मिकों की नियुक्ति की अनुमति देने, उदयपुर में बस बॉडी टेस्टिंग लैब स्थापित करने, वर्तमान में निर्माणाधीन एवं निर्मित बस बॉडी के पंजीकरण की अनुमति देने तथा उच्च गुणवत्ता एवं अग्निरोधी कच्चा माल उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इसके साथ ही एसोसिएशन ने कहा कि यदि कठोर कानूनों के चलते यह लघु उद्योग बंद होते हैं तो यह पूरा कार्य गिने-चुने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हाथों में चला जाएगा, जिससे एकाधिकार की स्थिति बन जाएगी। साथ ही असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कुशल व अर्द्धकुशल श्रमिकों को किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में सरकार से अनुदानित भूमि, वित्तीय सहायता एवं ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
जनप्रतिनिधियों ने दिया आश्वासन
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ एवं विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ ने एसोसिएशन की मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें राज्य एवं केंद्र सरकार तक पहुंचाने तथा समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लघु एवं सूक्ष्म उद्योग आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं और इनके संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
हजारों की रही भागीदारी
सम्मेलन में एसोसिएशन अध्यक्ष भैरूलाल सुथार, सचिव गोपाल सुथार के साथ कैलाश सुथार, रघुनाथ सुथार, मगनलाल सुथार, कमलेश सुथार, प्रकाश सुथार, भगवानलाल सुथार, बाबूलाल सुथार तथा लाल मादड़ी प्रशासक बलवीरसिंह बाहरठ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व सदस्य उपस्थित रहे। सम्मेलन का संचालन ओमप्रकाश सुथार ने किया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में उद्यमी, तकनीशियन तथा कुशल व अर्द्धकुशल श्रमिक मौजूद रहे।

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