
Income Tax Rules on Saving Bank Account 2026 | बचत खाते पर कितना टैक्स लगता है? RBI New Rules 2026
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि बचत खाते में जमा पैसों पर टैक्स लगता है या नहीं। बहुत से लोग मानते हैं कि बैंक में रखा पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है, जबकि सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। असल में बचत खाते में जमा आपकी मूल रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन उस रकम पर मिलने वाला ब्याज आपकी सालाना आय का हिस्सा माना जाता है। साल 2026 में निगरानी और नियम पहले से ज्यादा सख्त हो गए हैं, इसलिए इस विषय को सही तरीके से समझना अब और भी जरूरी हो गया है।
_बचत खाते के ब्याज पर टैक्स का नियम_
बैंक आपके सेविंग अकाउंट पर जो ब्याज देता है, उसे आयकर कानून के अनुसार “अन्य स्रोत से आय” की श्रेणी में रखा जाता है। इसका मतलब यह है कि यह ब्याज आपकी कुल सालाना आय में जुड़ता है। अगर आपकी कुल आय टैक्स स्लैब में आती है, तो इस ब्याज पर भी टैक्स देना होता है। हालांकि सरकार ने आम करदाताओं को राहत देने के लिए कुछ छूट का प्रावधान भी किया है, ताकि छोटी ब्याज आय पर ज्यादा बोझ न पड़े।
_धारा 80TTA से मिलने वाली राहत_
इनकम टैक्स एक्ट के तहत धारा 80TTA बचत खाते के ब्याज पर टैक्स छूट देती है। इस धारा के अंतर्गत एक तय सीमा तक मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री माना जाता है। अगर आपके सेविंग अकाउंट का कुल ब्याज इस सीमा के अंदर है, तो आपको उस पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता। लेकिन जैसे ही ब्याज की रकम इस सीमा से ऊपर जाती है, अतिरिक्त राशि आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार कर योग्य हो जाती है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह छूट केवल सेविंग अकाउंट पर लागू होती है, न कि फिक्स्ड डिपॉजिट या रिकरिंग डिपॉजिट पर।
_क्या बैंक खुद टैक्स काट लेता है_
आमतौर पर बचत खाते के ब्याज पर बैंक टीडीएस नहीं काटता। इसलिए कई लोग यह मान लेते हैं कि इस पर टैक्स नहीं लगता। लेकिन अगर आपकी कुल ब्याज आय ज्यादा हो जाती है या आपने बैंक में पैन कार्ड जमा नहीं किया है, तो नियमों के अनुसार टैक्स कट सकता है। इसी वजह से बैंक रिकॉर्ड में पैन और केवाईसी अपडेट रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
_2026 में बढ़ी निगरानी का मतलब_
साल 2026 में भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों के बाद बैंकों को बड़े और असामान्य लेनदेन पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। इसका उद्देश्य टैक्स चोरी और गलत लेनदेन को रोकना है। ईमानदार खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सही जानकारी देना और समय पर इनकम टैक्स रिटर्न भरना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
_पारदर्शिता और खाताधारकों की जिम्मेदारी_
नए नियमों के तहत बैंक अब ब्याज, चार्ज और कटौती से जुड़ी पूरी जानकारी ग्राहकों को देना अनिवार्य है। इससे खाताधारकों को ज्यादा पारदर्शिता मिलती है। अगर आप अपने बचत खाते के ब्याज को सही तरीके से आय में शामिल करते हैं और मिलने वाली छूट का सही उपयोग करते हैं, तो भविष्य में किसी नोटिस या परेशानी से बचा जा सकता है।
_निष्कर्ष_
बचत खाते में जमा पैसा टैक्स के दायरे में नहीं आता, लेकिन उस पर मिलने वाला ब्याज आपकी आय का हिस्सा होता है। साल 2026 में बढ़ी निगरानी के दौर में जागरूक रहना और नियमों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।