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सोनिका रानी, प्रभा चौहान, भावना जैन, मानवी गुप्ता उर्फ मीनू सिंघल सहित शिक्षकों को मिला ‘टीचर्स आइकन अवार्ड’

खतौली। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर बदलते स्वरूप, आधुनिक तकनीकी विकास और मानवीय मूल्यों के समन्वय को केंद्र में रखते हुए पंचम अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह–2026 का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल शिक्षा जगत में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों पर सार्थक विमर्श करना रहा, बल्कि उन शिक्षकों को सम्मानित करना भी रहा जिन्होंने अपने समर्पण, नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह कार्यक्रम डॉ० यादवेन्द्र नाथ मेमोरियल ट्रस्ट, रुड़की (जनपद हरिद्वार, उत्तराखण्ड) के तत्वावधान में आयोजित किया गया। ट्रस्ट ट्रस्ट एक्ट 1882 के अंतर्गत पंजीकृत है तथा नीति आयोग, भारत सरकार के अंतर्गत भी पंजीकृत है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोगी संस्था के रूप में Sheffield School की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह का मुख्य विषय “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में मूल्य आधारित शिक्षा एवं शिक्षकों की बदलती भूमिका” रखा गया। इस विषय पर हुए गहन विमर्श में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग बनती जा रही है, ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षक अब केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के नैतिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास के मार्गदर्शक बन चुके हैं। मूल्य आधारित शिक्षा के बिना तकनीक अधूरी है और इसी संतुलन को बनाए रखना आज के शिक्षक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में सुदीर्घ सेवाएं देने, विद्यालय विकास में उल्लेखनीय योगदान करने, शोध कार्यों, शैक्षिक नवाचारों तथा रोचक, अनुभवात्मक एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों को ‘टीचर्स आइकन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिन शिक्षकों को सम्मान प्राप्त हुआ, उनमें राजीव शर्मा, सोनिका रानी, प्रभा चौहान, भावना जैन, मानवी गुप्ता उर्फ मीनू सिंघल तथा नकुल गुप्ता शामिल रहे। आयोजकों ने सम्मान पत्र प्रदान करते हुए कहा कि ये सभी शिक्षक न केवल अपने-अपने विद्यालयों में उत्कृष्ट शैक्षिक कार्य कर रहे हैं, बल्कि शिक्षा, विद्यालय और समुदाय के बीच सेतु बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। अपने परिश्रम, अनुशासन और नवाचारी सोच के बल पर इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं। यह समारोह दिनांक 11 जनवरी 2026, रविवार को कृष्ण पक्ष अष्टमी, विक्रम संवत 2082 एवं शक संवत 1947 के पावन अवसर पर शेफील्ड स्कूल, सोहलपुर चौक, पिरान कलियर, रुड़की–हरिद्वार (उत्तराखण्ड) में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी सम्मानित शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में नवचेतना का संचार करते हैं और “शिक्षा का नया सवेरा” लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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