मनुष्य का उद्देश्य
मानवता ही सर्वोपरि धर्म है। और सामाजिक कल्याण ही उद्देश्य। हमारे द्वारा विवेक पूर्ण कार्य ही ख्याति हैहमारा कार्य दूसरे का सहयोग करना है। इसी को हम मनुष्य कहते हैं।