
राजधानी की सड़कों पर 'यश' का बड़ा सवाल: धूल और गड्ढों से बेहाल जनता, क्या गहरी नींद में सो रहा है नगर निगम?
रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को 'स्मार्ट सिटी' का दर्जा तो मिल गया है, लेकिन धरातल पर हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर उड़ती धूल और जानलेवा गड्ढों ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर AIMA मीडिया के प्रतिनिधि इलाही मोहम्मद उर्फ यश जी ने जमीनी हकीकत का जायजा लिया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
धूल के गुबार में गुम होती सेहत
शहर के व्यस्ततम इलाकों जैसे कि रिंग रोड और विधानसभा मार्ग पर निर्माण कार्यों की कछुआ चाल की वजह से प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और आए दिन सड़क हादसों का खतरा बना रहता है।
इलाही मोहम्मद 'यश' की तीखी प्रतिक्रिया:
मौके पर मौजूद इलाही मोहम्मद उर्फ यश जी ने स्थानीय निवासियों से बात की। उन्होंने कहा:
"जनता टैक्स भरती है ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलें, न कि धूल और बीमारियां। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग आखिर किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? अगर जल्द ही इन सड़कों की मरम्मत और डस्ट मैनेजमेंट नहीं किया गया, तो प्रशासन को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।"
क्या कहते हैं आंकड़े?
पिछले तीन महीनों में खराब सड़कों की वजह से रायपुर में छोटे-बड़े हादसों की संख्या में 15% की बढ़ोतरी हुई है।
शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
अब देखना यह होगा कि यश जी द्वारा उठाए गए इस कड़े सवाल के बाद क्या जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या रायपुर की जनता इसी तरह नारकीय जीवन जीने को मजबूर रहेगी।
रिपोर्ट: इलाही मोहम्मद उर्फ यश जी (AIMA मीडिया)