झारखण्ड:रांची के धुर्वा थाना के मोसी बाड़ी इलाके से अपहृत बच्चे 12 दिनों के मस्कत के बाद मिली।
रांची से लापता हुए भाई-बहन अंश और अंशिका की तलाश एक समय देशव्यापी अभियान बन चुकी थी. झारखंड समेत करीब 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस, विशेष जांच टीमें और कई सामाजिक संगठन 12 दिनों तक मासूमों का सुराग पाने में लगे रहे. साथ ही लगभग 17 हजार थानों को अलर्ट किया गया था, लेकिन इस जटिल और संवेदनशील मामले में निर्णायक मोड़ चितरपुर के बजरंग दल से जुड़े स्थानीय युवाओं की सजगता से आया. जानकारी के अनुसार, बिहार का एक दंपत्ति पिछले कुछ दिनों से चितरपुर बाजार टांड़ और आस-पास के इलाकों में किराये का मकान खोज रहा था. वे जहां-जहां जा रहे थे, यह कहते नहीं थक रहे थे कि उनके साथ दो छोटे बच्चे हैं.बच्चों के अपहरण की खबरों से पहले से सचेत कुछ स्थानीय युवाओं को यह बात अस्वाभाविक लगी. उन्होंने मामले को हल्के में लेने के बजाय दंपत्ति पर नजर रखना शुरू कर दिया. मंगलवार की रात भर बजरंग दल से जुड़े डब्लू साहू, सुनील कुमार, सचिन प्रजापति, सन्नी कुमार और अंशु कुमार इलाके में सक्रिय रहे. बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे जब वे खौरागढ़ा (अहमद नगर) स्थित रोशन आरा के मकान पहुंचे और वहां दोनों बच्चों को देखा, तो उनका संदेह पूरी तरह पुख्ता हो गया. बिना समय गंवाये युवाओं ने वीडियो कॉल के जरिये बच्चों के परिजनों से संपर्क किया और पहचान की पुष्टि करायी.