
सीधी रेल सुविधा न मिलने से बछरावां क्षेत्र का विकास प्रभावित भोपाल व मुंबई एक्सप्रेस के ठहराव की मांग को लेकर फिर उठी आवाज़
बछरावां। रेलवे नेटवर्क के विस्तार और यात्री सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद बछरावां रेलवे स्टेशन आज भी लंबी दूरी की सीधी रेल सेवाओं से वंचित है। भोपाल और मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों के लिए ट्रेन ठहराव न होने से न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि इसका सीधा असर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी पड़ रहा है।
बछरावां रेलवे स्टेशन रायबरेली जनपद के साथ-साथ उन्नाव जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण रेल केंद्र है। इसके बावजूद यहां से भोपाल और मुंबई के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को मजबूरन लखनऊ जैसे बड़े स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन की अतिरिक्त बर्बादी होती है। छात्र, मरीज, मजदूर और नौकरीपेशा वर्ग इस समस्या सबसे अधिक प्रभावित हैं। हाल ही में क्षेत्र के शिक्षाविद् एवं सेवा निवृत्त उप प्राचार्य गोवर्धन प्रसाद मिश्र ने प्रधानमंत्री और रायबरेली सांसद को पत्र भेजकर प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस तथा प्रतापगढ़-मुंबई एक्सप्रेस के बछरावां रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग की है। उनका कहना है कि यह मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षित हजारों यात्रियों की सामूहिक आवाज है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का सवाल है कि जब ये दोनों ट्रेनें पहले से ही बछरावां
स्टेशन से होकर गुजरती हैं, तो केवल ठहराव न दिए जाने का कोई तर्कसंगत कारण क्यों नहीं बताया जा रहा है। 30 से 35 किलोमीटर के दायरे में रहने वाली बड़ी आबादी की सुविधा को नजरअंदाज किया जाना समझ से परे है।
जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों का मानना है कि यदि इन ट्रेनों का ठहराव बछरावां में सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। इसके बावजूद रेल मंत्रालय की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय न लिया जाना जनभावनाओं की अनदेखी कोच दर्शाता है।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें रेल मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि वे इस जनहित से जुड़े मुद्दे पर कब तक निर्णय लेते हैं। सवाल यह है कि क्या बछरावां क्षेत्र की जनता को बेहतर रेल सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।