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किसान मज़दूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह प्रजापति द्वारा मकर संक्रांति पर विशेष जन-सम्बोधन


मकर संक्रांति के पावन एवं पुण्य अवसर पर मैं देश के समस्त नागरिकों, विशेषकर किसानों, मज़दूरों, श्रमिकों, युवाओं, माताओं-बहनों तथा वरिष्ठजनों को हृदय की गहराइयों से हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित करता हूँ। मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो केवल एक त्योहार नहीं बल्कि प्रकृति, परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक जीवन-दृष्टि का उत्सव है।
🌞 मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है
मकर संक्रांति उस दिन मनाई जाती है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की यात्रा प्रारंभ होती है। यह खगोलीय एवं वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं, जिससे पृथ्वी पर ऊर्जा, ताप और जीवन शक्ति का संचार बढ़ता है। यही कारण है कि भारतीय परंपरा में इसे शुभ काल की शुरुआत माना गया है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा गया है। यह समय आत्मिक उन्नति, दान-पुण्य और शुभ कर्मों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। यही कारण है कि मकर संक्रांति को स्नान, दान और संयम का विशेष महत्व दिया गया है।
🌾 किसानों के लिए मकर संक्रांति का महत्व
मकर संक्रांति का सीधा संबंध कृषि और किसान जीवन से है। यह पर्व नई फसल के आगमन और मेहनत के फल को सम्मान देने का पर्व है। खेतों में दिन-रात परिश्रम करने वाला किसान इस समय अपनी मेहनत का परिणाम देखता है। इसलिए यह पर्व किसानों के लिए आशा, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
🎉 मकर संक्रांति कैसे मनाई जाती है
भारत के विभिन्न हिस्सों में यह पर्व अलग-अलग नामों और परंपराओं से मनाया जाता है —
गंगा, यमुना, नर्मदा आदि नदियों में पवित्र स्नान
दान-पुण्य — तिल, गुड़, अनाज, वस्त्र, कंबल
पतंग उड़ाना, जो स्वतंत्रता और ऊँचाइयों का प्रतीक है
तिल-गुड़ के व्यंजन बनाकर मिठास बाँटना
परिवार और समाज के साथ मेल-मिलाप
✅ मकर संक्रांति पर क्या करना चाहिए
✔️ प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
✔️ बुज़ुर्गों का आशीर्वाद लें
✔️ गरीब, असहाय, किसान और मज़दूरों को दान दें
✔️ तिल, गुड़, खिचड़ी जैसे सात्त्विक भोजन करें
✔️ आपसी वैमनस्य छोड़कर मेल-मिलाप करें
✔️ सत्य, परिश्रम और सेवा का संकल्प लें
❌ मकर संक्रांति पर क्या नहीं करना चाहिए
❌ झगड़ा, विवाद और अपशब्दों से बचें
❌ नशा, हिंसा और अनैतिक कार्य न करें
❌ भोजन की बर्बादी न करें
❌ गरीबों और श्रमिकों का अपमान न करें
❌ अंधविश्वास और दिखावे से दूर रहें
🌼 क्या शुभ है और क्या अशुभ
शुभ है:
दान, सेवा, संयम
सत्य बोलना
परिश्रम का सम्मान
प्रकृति के प्रति कृतज्ञता
अशुभ है:
घमंड
शोषण
आलस्य
नफरत और भेदभाव
🧭 मकर संक्रांति हमें क्या सिखाती है
यह पर्व हमें सिखाता है कि —
जीवन में परिवर्तन अनिवार्य है
परिश्रम का फल अवश्य मिलता है
समाज तभी आगे बढ़ता है जब हर वर्ग साथ चले
किसान और मज़दूर का सम्मान ही सच्चा राष्ट्रवाद है
🤝 जन-सम्बोधन और संकल्प
आज के इस पावन अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम किसानों, मज़दूरों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करेंगे, सामाजिक अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज़ उठाएँगे और एक समतामूलक, सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
युवाओं से मेरा विशेष आह्वान है कि वे मेहनत, ईमानदारी और सेवा को अपना जीवन-मंत्र बनाएँ। यही राष्ट्र निर्माण का सच्चा मार्ग है।
मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि यह मकर संक्रांति देश के हर नागरिक के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए तथा हमारे समाज और राष्ट्र को नई ऊर्जा, नई दिशा और नई सोच प्रदान करे।
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ।
— बृजेन्द्र सिंह प्रजापति
राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मज़दूर यूनियन
पूर्व विधायक प्रत्याशी

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