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अजमेर के राजकीय महिला चिकित्सालय के लापरवाही

अजमेर में सरकारी लापरवाही की हद पार!
राजकीय महिला चिकित्सालय में जन्म पंजीयन में गंभीर गड़बड़ी, 75 दिन बाद भी सुधार नहीं
अजमेर।
राजकीय महिला चिकित्सालय अजमेर में एक नवजात शिशु के जन्म पंजीयन को लेकर हैरान कर देने वाली लापरवाही सामने आई है। यहाँ सरकारी तंत्र की सुस्ती ने यह साबित कर दिया है कि आमजन के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों से जुड़े मामलों में भी जिम्मेदार महकमे कतई गंभीर नहीं हैं।
❗ मामला क्या है?
दिनांक 30 अक्टूबर 2025 को राजकीय महिला चिकित्सालय में एक शिशु का जन्म हुआ। लेकिन जन्म के बाद बनाए गए सरकारी रिकॉर्ड में महिला के स्थान पर पुरुष दर्ज कर दिया गया। यह गलती न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि पूरे पंजीयन तंत्र पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
जन्म प्रमाण पत्र पंजीयन संख्या -08119001000000910471/2025 है | और माता का नाम सानिया बानो और पिता का नाम मोईनु द्दीन मीर बताया जा रहा है |
⏳ शिकायत के बाद भी चुप्पी
परिजनों ने इस गंभीर त्रुटि की जानकारी जन्म पंजीयन कार्यालय को समय रहते दे दी थी, इसके बावजूद 14 जनवरी 2026 तक भी कोई सुधार नहीं किया गया।
करीब ढाई महीने बीत जाने के बाद भी फाइलें धूल फांक रही हैं।
🏛️ रामभरोसे चल रहा सरकारी कामकाज
यह मामला साफ दर्शाता है कि पंजीयन शाखा में जवाबदेही नाम की कोई चीज़ नहीं है। गलती सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है—यह तय करने वाला कोई नहीं, और आम नागरिक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
⚠️ भविष्य से खिलवाड़
जन्म प्रमाण पत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ में इस तरह की लापरवाही से बच्चे के शैक्षणिक रिकॉर्ड, पहचान पत्र, सरकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
❓ सवाल जो जवाब चाहते हैं
• इतनी बड़ी गलती का जिम्मेदार कौन?
• शिकायत के बाद भी सुधार क्यों नहीं?
• क्या आम नागरिकों के मामलों को यूँ ही नजरअंदाज किया जाता रहेगा?


पत्रकार सदीक खान

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