
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पार्किंग व्यवस्था सवालों के घेरे में
रायपुर
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पार्किंग व्यवस्था सवालों के घेरे में
रायपुर | AIMA News
रिपोर्ट: Gaurav Singh
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर पर पार्किंग व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) द्वारा कैब एग्रीगेटर वाहनों—ओला और उबर—के लिए निर्धारित विशेष पार्किंग स्थलों पर लगे “Ola–Uber Cab Parking” बोर्ड के अचानक हटाए जाने से कैब चालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पार्किंग नंबर-1 के सामने से कैब एग्रीगेटर पार्किंग का बोर्ड हटा दिया गया, जबकि इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से कोई स्पष्ट या लिखित आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि यह कार्रवाई किसके निर्देश पर की गई—एयरपोर्ट प्रशासन के या पार्किंग ठेकेदारों की मनमानी से?
कैब संगठनों का आरोप है कि यह कदम एएआई द्वारा तय नियमों का खुला उल्लंघन है और कैब एग्रीगेटर चालकों को व्यवस्थित रूप से दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा, एएआई के नियमानुसार पार्किंग नंबर-1, नंबर-2 और नंबर-3 कैब चालकों के लिए निर्धारित किए गए थे, लेकिन पार्किंग ठेकेदारों की कथित मनमानी के चलते इन सभी पार्किंग स्थलों में प्राइवेट गाड़ियों को धड़ल्ले से खड़ा कराया जा रहा है। इससे कैब चालकों को वाहन पार्क करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनमें जबरदस्त नाराजगी है।
कैब चालकों का कहना है कि वे लगातार पार्किंग प्रबंधन से सहयोग की मांग कर रहे हैं, लेकिन पार्किंग कर्मचारी किसी भी प्रकार से सहयोग करने को तैयार नहीं हैं।
मामला यहीं तक सीमित नहीं है। आरोप है कि RTI में स्थिति स्पष्ट होने और नियमों में प्रतिबंध के बावजूद, पार्किंग ठेकेदार ₹50 लेकर ऑटो चालकों को अराइवल एरिया तक भेज रहे हैं, जबकि एयरपोर्ट प्रांगण और अराइवल ज़ोन में पिछले लगभग तीन वर्षों से ऑटो चालकों की एंट्री प्रतिबंधित है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या पार्किंग ठेकेदारों को एएआई के नियमों में हस्तक्षेप करने का अधिकार है?
क्या बिना एयरपोर्ट अथॉरिटी की अनुमति किसी अधिकृत बोर्ड को हटाया जा सकता है?
और क्या एयरपोर्ट प्रशासन इन सब गतिविधियों से अनजान बना हुआ है?
अब देखना यह होगा कि एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।
AIMA News इस मुद्दे पर लगातार नज़र बनाए हुए है।