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अमेठी जनपद के मुसाफ़िर खाना एसडीएम विवाद पहुंचा लखनऊ - तहसील मुसाफिरखाना



अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और अधिवक्ताओं के बीच चल रहा विवाद अब जिला स्तर से निकलकर प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है। बार एसोसिएशन मुसाफिरखाना द्वारा एसडीएम के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को शिकायती पत्र भेजा गया है, जिसकी प्रति जिलाधिकारी अमेठी को भी अग्रसारित की गई है।

बार एसोसिएशन मुसाफिरखाना के अध्यक्ष श्री वेद प्रकाश शुक्ल द्वारा भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि उपजिलाधिकारी प्रशासन, अमेठी द्वारा भ्रष्टाचार करते हुए राजस्व नियमों के विरुद्ध आदेश पारित किए जा रहे हैं। साथ ही शिकायत करने पर अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जिससे तहसील के समस्त अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है और वे स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि एसडीएम के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच वर्तमान पद पर रहते हुए संभव नहीं है। ऐसे में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पद से हटाकर उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई है। अधिवक्ता संघ ने यह भी अनुरोध किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

इस पूरे प्रकरण को लेकर मुसाफिरखाना तहसील में पिछले कई दिनों से अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन जारी है। जिले की अन्य तहसीलों के बार संगठनों ने भी मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन को समर्थन दिया है। हाल ही में प्रदेश भर के अधिवक्ताओं की प्रस्तावित महापंचायत को सार्वजनिक अवकाश के चलते स्थगित कर 22 जनवरी को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि अधिवक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और शासन स्तर पर जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

यह मामला अब न सिर्फ प्रशासनिक कार्यप्रणाली, बल्कि न्याय व्यवस्था और अधिवक्ताओं के सम्मान से भी जुड़ गया है, जिस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।

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