
👉🏻ग्राम मूंडला में बगैर लाइसेंस कॉलोनी काटने पर 50 हजार का जुर्माना, कॉलोनी अवैध घोषित,प्लॉटों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक,
✍🏻श्योपुर, 13 जनवरी 2026/ जिले में अवैध कॉलोनाइजेशन के विरुद्ध जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशों के क्रम में बडौदा तहसील अंतर्गत बगैर लाइसेंस कॉलोनी काटने के एक मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित कॉलोनाइजर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही उक्त कॉलोनी को अवैध घोषित करते हुए उसमें प्लॉटों की खरीद-फरोख्त पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। श्योपुर एसडीएम श्री गगन सिंह मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि तहसील बडौदा के ग्राम मूंडला में खाटूश्याम कंस्ट्रक्शन सर्विस के नाम से बिना वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस एवं बिना ले-आउट स्वीकृति के कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यह कॉलोनी सर्वे क्रमांक 233/32/1 (रकबा 0.036 हेक्टेयर), 233/3/2 (0.225 हेक्टेयर), 235/4/1 (0.800 हेक्टेयर) तथा 233/4/2 (1.290 हेक्टेयर) की भूमि पर काटी गई थी। इस कार्य में योगेश सिंह तोमर पुत्र रमेश सिंह तोमर, चंद्रशेखर सिंह पुत्र प्रहलाद सिंह तोमर एवं राकेश पुत्र रामप्रसाद श्रीवास, निवासीगण ग्वालियर, हाल निवासी ग्राम मूंडला शामिल पाए गए।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 तथा मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम 2014 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए बिना लाइसेंस कॉलोनी विकसित की गई। इस मामले में न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्योपुर के यहां विधिवत प्रकरण क्रमांक 0001/अ-89(13)/2025-26 दर्ज कर सभी संबंधितों को नोटिस जारी कर तलब किया गया। प्राप्त जवाबों की पुष्टि हेतु तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं ग्राम सचिव के संयुक्त दल द्वारा स्थल निरीक्षण एवं जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। संयुक्त दल के प्रतिवेदन के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा अवैध कॉलोनाइजर पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया तथा कॉलोनी में किसी भी प्रकार की प्लॉट बिक्री या खरीदी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
👉🏻इसके अतिरिक्त नायब तहसीलदार पाण्डोला, तहसील बडौदा को निर्देश दिए गए हैं कि उक्त कार्रवाई एवं प्रतिबंध की प्रविष्टि संबंधित राजस्व अभिलेखों में दर्ज की जाए। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 219/4/5, कुल रकबा 0.418 हेक्टेयर में से 0.261 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर अवैध अतिक्रमण किया गया है। इस पर मध्यप्रदेश भूमि राजस्व संहिता (एमपीएलआरसी) की धारा 248 के अंतर्गत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना अनुमति कॉलोनी काटने, अवैध प्लॉट बिक्री तथा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।