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बजट-पूर्व संवाद : सवाई माधोपुर के सर्वांगीण विकास के लिए नागरिकों से लिए सुझाव पर्यटन, कृषि, आधारभूत सुविधाएं व रोजगार पर मिले सुझाव

राकेश अग्रवाल संवाददाता
सवाई माधोपुर, 13 जनवरी। आगामी बजट में सवाई माधोपुर जिले की आवश्यकताओं एवं जन अपेक्षाओं को प्रभावी रूप से सम्मिलित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में बजट-पूर्व संवाद बैठक जिला परिषद सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों, नागरिक मंचों, व्यापारिक संस्थाओं, कृषक प्रतिनिधियों, महिला समूहों, युवाओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार जनभागीदारी के माध्यम से ऐसा बजट तैयार करना चाहती है, जो स्थानीय जरूरतों पर आधारित हो और जिले के समग्र विकास को गति दे। संवाद के दौरान नागरिकों एवं विभिन्न संगठनों द्वारा रणथम्भौर पर्यटन क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, कृषि एवं उद्यानिकी को बढ़ावा देने, अमरूद व अन्य बागवानी फसलों के प्रसंस्करण एवं विपणन, महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह आधारित आजीविका, खेल सुविधाओं के विकास तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
सवाई माधोपुर में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के मध्येनजर चकचैनपुरा हवाई पट्टी पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनवाने, बनास नदी पर चाण्क्य देह को कोटा चम्बल नदी की तर्ज पर विकसित करने, सवाई माधोपुर में सिटी पार्क विकसित करवाने हेतु प्रस्ताव भिजवाने, पुराने शहर में गर्ल्स कॉलेज, पुरानी तहसील, आदर्श स्कूल परिसर में पार्किंग व्यवस्था करवाने, बौंली से निवाई कनेक्टिविटी के लिए प्रस्ताव भिजवाने के सुझाव दिए गए। इसी प्रकार सवाई माधोपुर से जयपुर कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए एक्सप्रेस-वे से उतरने के पश्चात फॉर-लेन रोड़ बनवाने का सुझाव दिया गया।
व्यापरियों ने जिले के व्यवापारियों को स्थानीय उद्योग के लिए कार्यशाला का आयोजन कर अनुकूल लघु उद्योगों की जानकारी प्रदान करने, शहर व्यापार मण्डल ने जिला अस्पताल के अतिरिक्त अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी नवजात शिशुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने, खेल संगठनों की ओर से जिले में खेल सुविधाओं एकेडमी, कोच, स्पोर्ट हॉस्टल आदि सुविधाओं का विकास करने हेतु सुझाव दिए गए। साथ ही पर्यटन की अपार सम्भावना के मध्येनजर मूलभूत सुविधाओं का विकास करने, शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, हाइटेक लाईब्रेरियों का विकास करने, जिला मुख्यालय पर आदिवासी भवन का निर्माण करवाने, आरजीएचएस की तर्ज पर मॉ योजना के तहत भी सेन्टरों पर केशलेश इलाज प्रदान करवाने, राजीविका समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादों के विक्रय हेतु हाट बाजार या मार्ट की सुविधा उपलब्ध करवाने के सुझाव रखे।
जिला कलक्टर ने सभी सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए आश्वस्त किया कि व्यवहारिक, विकासोन्मुख एवं जिले की आवश्यकता के अनुरूप प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ राज्य सरकार को भेजा जाएगा, ताकि आगामी बजट में सवाई माधोपुर के लिए ठोस एवं दूरगामी प्रावधान सुनिश्चित किए जा सकें।

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