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उमरिया जिले में कलेक्टर महोदय सहित अधिकारियों, कर्मचारियों व जनमानस ने किया सामूहिक सूर्य नमस्कार

उमरिया। जिले में आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में कलेक्टर महोदय सहित सभी प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में जनमानस ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार किया तथा यह प्रतिज्ञा ली कि प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्य भगवान को प्रणाम करेंगे एवं जल अर्घ्य अर्पित करेंगे।

कार्यक्रम में बताया गया कि सूर्य नमस्कार भारतीय संस्कृति एवं योग परंपरा का अभिन्न अंग है, जो अध्यात्म और विज्ञान—दोनों दृष्टिकोण से अत्यंत स्वास्थ्यवर्धक है।

सूर्य नमस्कार की विधि
सूर्य नमस्कार 12 क्रमबद्ध योगासनों का समूह है, जिसमें श्वास-प्रश्वास के साथ शरीर की विभिन्न मुद्राएँ की जाती हैं। इसे प्रातःकाल सूर्य उदय के समय खुले वातावरण में करना सर्वाधिक लाभकारी माना गया है।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण
सूर्य को ऊर्जा, चेतना और जीवन का आधार माना गया है। सूर्य नमस्कार एवं जल अर्घ्य अर्पण से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, मन में शांति एवं श्रद्धा का भाव उत्पन्न होता है तथा आत्मिक जागरूकता बढ़ती है। यह अभ्यास अनुशासन, कृतज्ञता और आंतरिक संतुलन विकसित करता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वैज्ञानिक रूप से सूर्य नमस्कार करने से शरीर की मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं, रक्त संचार बेहतर होता है तथा रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है। सूर्य की प्रातःकालीन किरणें शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करती हैं, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। जल अर्घ्य देने से शरीर में सकारात्मक मानसिक प्रभाव पड़ता है और नियमित दिनचर्या विकसित होती है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने सूर्य नमस्कार को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक समाज का निर्माण करना रहा।
यह कार्यक्रम सभी शैक्षणिक संस्थान के विद्यार्थियों ने कराया ।

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