
गोड़ी खास में सत्ता की हुंकार! युवा अमित यादव ने प्रधान पद के लिए ठोंकी ताल, विकास बनाम व्यवस्था की जंग शुरू....
गाजीपुर। भांवरकोल विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा गोड़ी खास में पंचायत चुनाव का सियासी पारा अब तेज़ी से चढ़ने लगा है। प्रधान पद के लिए युवा चेहरे अमित यादव ने पोस्टर जारी कर पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। उनकी एंट्री के साथ ही गांव की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
अमित यादव की पृष्ठभूमि गांव की राजनीति और जनसेवा से गहराई से जुड़ी रही है। उनकी माता पुर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य रह चुकी हैं, जबकि उनके बाबा पूर्व ग्राम प्रधान रह चुके हैं। इसी राजनीतिक विरासत और सामाजिक अनुभव के सहारे अमित यादव अब सीधे जनता के बीच उतर आए हैं।
युवा जोश और सेवा भावना के साथ मैदान में उतरे अमित यादव ने बताया कि उन्होंने अब तक वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन, किसान सम्मान निधि दिलाने के साथ-साथ गरीब और असहाय लोगों के इलाज में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। यही नहीं, चुनाव को लेकर वे गांव-गांव, घर-घर संपर्क कर जमकर पसीना भी बहा रहे हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि जनता ने उन्हें प्रधान चुना, तो दलित बस्ती की बदहाल नाली व्यवस्था उनकी पहली प्राथमिकता होगी। सड़क पर बह रहे नाली के पानी को तत्काल दुरुस्त कर उसे गांव की गड़ही तक पहुंचाने की ठोस व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारियों से राहत मिल सके। दुसरा बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर कि प्रतिमा स्थापित किया जाएगा।
गोड़ी खास में अब साफ संदेश है। युवा नेतृत्व बनाम पुरानी व्यवस्था। अमित यादव की आक्रामक दावेदारी ने पंचायत चुनाव को पूरी तरह दिलचस्प और निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
अमित यादव कहते हैं—
“प्रधान का पद नहीं, जिम्मेदारी चाहिए; कुर्सी नहीं, सेवा का अवसर चाहिए।”
गांव में माहौल साफ है—
अब लोग भाषण नहीं, नतीजा चाहते हैं।
अब गोड़ी खास युवा नेतृत्व की ओर देख रहा है।
#GodiKhas #AmitYadav #प्रधानचुनाव2026 #पंचायतचुनाव #युवा_नेतृत्व #सियासी_हुंकार #गांव_की_राजनीति #भांवरकोल #गाजीपुर #विकास_की_लड़ाई
डिस्क्लेमर: यह समाचार विज्ञापन प्रत्याशी द्वारा व्यक्त विचारों एवं दावों पर आधारित है। Abhishek Rai इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता और न ही उनकी सत्यता की जिम्मेदारी लेता है।