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बड़ौदा कृषि उपज मंडी समिति की अनदेखी से मंडी टैक्स को भारी नुकसान, अवैध गल्ला व्यापारी खरीदी पर सवाल।

👉🏻बड़ौदा कृषि उपज मंडी समिति की अनदेखी से मंडी टैक्स को भारी नुकसान, अवैध गल्ला व्यापारी खरीदी पर सवाल।

✍🏻श्योपुर/बड़ौदा कृषि उपज मंडी समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंडी प्रशासन की अनदेखी के चलते क्षेत्र में फुटकर अनाज व्यापारियों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध भण्डारण क्षमता से अधिक किया जा रहा है, जिससे शासन को मिलने वाले मंडी टैक्स में भारी नुकसान हो रहा है। नियमों के अनुसार फुटकर गल्ला व्यापारियों को प्रतिदिन केवल कुछ क्विंटल तक अनाज खरीदी की अनुमति है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
देखने में आया कई फुटकर व्यापारी अपने निर्धारित दायरे से बाहर जाकर प्रतिदिन 30 से 40 क्विंटल तक धान की आवक कर रहे हैं। धान की बम्पर आवक का लाभ उठाकर यह अनाज सीधे मंडी के बाहर से भेजा जा रहा है, जिससे मंडी में आवक दर्ज नहीं हो पा रही और मंडी टैक्स की वसूली प्रभावित हो रही है। इस स्थिति से न केवल मंडी समिति को आर्थिक नुकसान हो रहा है,
स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि कई व्यापारी बिना वैध लाइसेंस के ही खरीद कर रहे हैं। मंडी अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस अनाज की खरीदी और भंडारण पूरी तरह अवैध है, फिर भी खुलेआम इस प्रकार का कारोबार चल रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्हें तत्काल नकद भुगतान के लालच में इन फुटकर व्यापारियों को अनाज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जबकि मंडी के माध्यम से बिक्री करने पर पारदर्शिता और राजस्व सुनिश्चित होता है। कि मंडी प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करे। बिना लाइसेंस खरीदी करने वाले व्यापारियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए तथा उनकी प्रतिदिन खरीदी की वास्तविक लिमिट की जांच की जाए। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो मंडी समिति को होने वाला टैक्स नुकसान और अधिक बढ़ सकता है।
अब देखना यह है कि मंडी प्रशासन इस ओर कब तक ध्यान देता है और अवैध खरीद पर प्रभावी कार्रवाई कर पाता है या नहीं। क्योंकि राजनीति दबाव के कारण दबंग अपनी दबताई दिखा रहे हैं।

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