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अब 55 साल तक 15 जनवरी को ही मनेगी मकर संक्रांति, ग्रहों के राजा सूर्य 15 जनवरी को धनु से मकर राशि में करेंगे प्रवेश, खरमास होगा समाप्त

ग्रहों के राजा सूर्य 15 जनवरी को धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। अब 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इसके बाद फिर ज्योतिष गणना के अनुसार मकर संक्रांति एक दिन और बढ़ जाएगी। यानी सूर्य का राशि परिवर्तन हर वर्ष 16 जनवरी को होगा। इस बार सूर्य की राशि का परिवर्तन रात्रि 9 बजकर 38 मिनट से हो रहा है। खरमास समाप्त होगा और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

इस बार वृद्धि योग शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि ज्येष्ठा नक्षत्र में गुरूवार को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार उत्तरायण की अवधि को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को देवताओं की रात कहा जाता है। ज्योतिषविद् आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन साधारण नदी भी गंगा के समान हो जाती है।

72 साल में बदलती है तारीख

ज्योतिषविदों के अनुसार, हर साल सूर्य के राशि परिवर्तन में 20 मिनट का विलंब होता है। इस प्रकार तीन वर्षों में यह अंतर एक घंटे का हो जाता है। 72 वर्षों में 24 घंटे का फर्क आ जाता है। सूर्य व चंद्रमा ग्रह मार्गीय होते हैं। यह पीछे नहीं चलते हैं। इसलिए

एक दिन बढ़ जाता है। इस लिहाज से 2008 में ही 72 वर्ष पूरे हो गए थे। हालांकि छह वर्षों तक सूर्य का राशि परिवर्तन प्रातः काल में होने से पूर्व काल मानकर 15 जनवरी को मनाई जाती थी। मगर इसके पहले सूर्य का राशि परिवर्तन संध्याकाल में होता था। 1936 से मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जा रही थी। हालांकि 1864 से 1936 तक 13 जनवरी और 1792 से 1864 तक 12 जनवरी को मनाई जा रही थी।

15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित...

प्रदेश में 15 जनवरी मकर संक्रांति पर शासन ने सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। इस दिन सभी स्कूल, कॉलेज व सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव एसवीएस रंगाराव की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि शासन द्वारा जारी छुट्टियों के कैलेंडर में मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को र्निबंधित (वैकल्पिक) अवकाश घोषित था। शासन ने इसके स्थान पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

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