
*GPDP से गाँवों का समग्र और सतत विकास संभव: पंचायती राज मंत्री*
मो. अजरूद्दीन=पश्चिम चंपारण,बिहार_
_दिनांक:- 12-01-2026_
जिला पंचायत संसाधन केंद्र, मधुबनी द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) पर आधारित एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होटल वाटिका, मधुबनी में किया गया। कार्यक्रम में पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार के माननीय मंत्री दीपक प्रकाश ने शिरकत कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना गाँवों के समग्र, संतुलित एवं सतत विकास की आधारशिला है। यह योजना ग्राम सभा के माध्यम से जनसहभागिता से तैयार होती है, जिससे विकास प्रक्रिया अधिक समावेशी, पारदर्शी और जवाबदेह बनती है। उन्होंने बताया कि GPDP के माध्यम से पेयजल, स्वच्छता, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित होता है।
अपने संबोधन में मंत्री ने डिजिटल पंचायत और आधुनिक तकनीक की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई दिशा और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और पंचायत कर्मी विकास के सच्चे वाहक हैं, जबकि युवा और महिलाएँ पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत के सशक्त होने से ही राज्य और देश सशक्त बनेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण में भाग लेने वाले पंचायत कार्यपालक सहायकों के बीच प्रमाण-पत्रों का वितरण भी किया गया। प्रशिक्षण के मुख्य प्रशिक्षक नोडल पदाधिकारी, जिला पंचायत संसाधन केंद्र, मधुबनी श्री विकास कुमार मिश्रा रहे। उनके साथ नोडल पदाधिकारी (RTPS) सह ब्लॉक फैसिलिटेटर श्री रजनीश कुमार सहित अन्य प्रशिक्षक एवं संबंधित कर्मी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को GPDP की तकनीकी एवं व्यवहारिक समझ दी गई, जिससे वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें।