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*_‼️यूपी के राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु का बयान!...देश संविधान और कानून से चलता है-दयाशंकर मिश्र‼️_

*_👉करंडा/गाजीपुर/उत्तर प्रदेश_*

*_‼️यूपी के राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु का बयान!...देश संविधान और कानून से चलता है-दयाशंकर मिश्र‼️_*

जनवरी सोमवार 12-1-2026

*_👉जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर-( मिथलेश सिंह ब्यूरो चीफ ,गाजीपुर/ हरदासपुर काशी,-अइमा मिडिया-Aima Media)👉(न्याय क्षेत्र-मुंबई हाईकोर्ट)_*

https://www.aima media.com/

*_गाज़ीपुर:-_* ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के 'साड़ी पहनने वाली महिला बांग्लादेश और पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनेंगी' वाले बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालू' ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह उनके व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं, क्योंकि इस देश में वस्त्र से किसी की पहचान नहीं होती। मंत्री दयालू ने आगे कहा कि स्वामी विवेकानंद के वस्त्रों का अपमान भी अमेरिका में किया गया था, तब उन्होंने जवाब दिया था कि भारत के किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र से होती है। ऐसे में किसी भी संवैधानिक पद पर बैठने वाला व्यक्ति यदि सुयोग्य है, तो उसे कपड़े पहनकर कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है। देवकीनंदन ठाकुर ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में मस्जिद बनी जगह पर मंदिर बनाने की भी बात कही थी। इस पर मंत्री दयालू ने कहा कि वह इन लोगों के मामलों में नहीं पड़ते, क्योंकि यह साधु-संत हैं और यह उनकी अपनी व्यक्तिगत विचारधारा और विचार हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देश नियम और कानून से चलता है। देश को चलाने की अपनी सीमाएं और बाध्यताएं हैं, और उसी के अनुरूप देश प्रगति कर रहा है।
ओमप्रकाश राजभर द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यों की सराहना करने पर मंत्री दयालू ने कहा कि किसी की आलोचना, तारीफ या बुराई व्यक्तिगत होती है। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर के मन में यदि ममता बनर्जी के प्रति प्रशंसा के भाव हैं, तो यह उनके व्यक्तिगत विचार हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'बाल की खाल निकालने' पर हर बात आलोचना के लिए बड़ी है, लेकिन तारीफ करना कहीं से भी अनुचित नहीं लिया जा सकता।
मंत्री ने अखिलेश यादव पर तंज़ कसते हुए कहा कि वे भले ही एसआईआर की आलोचना करें, लेकिन इस कार्य में उनकी और उनके लोगों की भी भागीदारी है। मंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक दल वोट बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि वोट नहीं बनेंगे तो मिलेंगे नहीं। निर्वाचन आयोग का भी यही उद्देश्य है कि मतदाता सूची शुद्ध हो।
मंत्री ने बताया कि 2003 के बाद से एसआईआर नहीं हुआ था, जिसके कारण मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम और एक ही व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम दर्ज थे। उदाहरण के लिए, शादी के बाद ससुराल गई बेटी का नाम मायके और ससुराल दोनों जगह होता था। एसआईआर के पहले चरण की कार्रवाई के बाद लगभग तीन करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि 15 करोड़ में से तीन करोड़ नामों का कटना यह दर्शाता है कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में बोगस नाम शामिल थे। अब सही मतदाताओं के नाम सूची में आ गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्षी दल दुनिया को दिखाने के लिए भले ही आलोचना कर रहे हों, लेकिन वास्तव में सभी एसआईआर के कार्य में लगे हुए हैं।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग अब वोट बढ़ाने के लिए घर-घर घूम रहे हैं, लेकिन कोई भी वोट बढ़ाने को राजी नहीं है। मंत्री ने अफजाल अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह हमारी और सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि समाज में जिन व्यक्तियों के नाम छूटे हुए हैं, उन्हें जोड़ा जाए। इसमें 18 वर्ष के युवा मतदाताओं के नाम जोड़ना भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में फॉर्म 5, 6 और 7 के माध्यम से छूटे हुए सभी व्यक्तियों के नाम जोड़े जा सकते हैं। कुछ लोगों को नोटिस भी भेजे गए हैं, जिनके नाम सत्यापित नहीं हो पाए हैं। मंत्री ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता इस कार्य में लगे हुए हैं और उनका लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से न छूटे।मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु गाजीपुर के करंडा क्षेत्र के मैनपुर इस्थित एक कॉलेज में आयोजित स्वामी विवेकानंद जयंती कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।

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