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दाधीच की शिक्षक ही नहीं गौ सेवक व समाजसेवी के रूप में भी थी पहचान

झालावाड़| कोटा मार्ग पर खोखंदा गांव के समीप सोमवार सुबह 10 बजे एक ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार खोखंदा राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक और समाजसेवी की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार झालावाड़ निवासी प्रेम दाधीच (59) पुत्र मोहनसिंह दाधीच खोखंदा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद कार्यरत थे। सोमवार सुबह स्कूल जाने के बाद वहां से बीईओ कार्यालय झालरापाटन के लिए कार से रवाना हुए थे। इसी दौरान हाइवे पर आए ही थे कि कुछ ही दूरी पर सामने से आ रहे ट्रक से उनकी कार की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रक भी दूसरी तरफ जाकर पलट गया। टक्कर के बाद वे कार में फंस गए। पुलिस व लोगों ने मशक्कत के बाद उनको बाहर निकाला और एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर आए। जहां डॉक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया। शव को अस्पताल के डीप फ्रीज में रखवाया गया है। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिक्षक प्रेम दाधीच की एक अध्यापक के अलावा समाजसेवी के रूप में जिले ही नहीं बल्कि दूर दूर तक अलग पहचान थी। जिला गौशाला संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने बताया कि प्रेम दाधीच श्रीकृष्ण गौशाला के सचिव होने के साथ जिला गौशाला संघ के सचिव भी थे। श्रीकृष्ण गौशाला की पूरे मन से देखरेख करते थे । इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की गोशालाओं को सरकारी अनुदान दिलाने की सारी प्रक्रिया, उनका रजिस्ट्रेशन कराना सहित ऑनलाइन करने जैसी सारी प्रक्रिया संभालते थे। इसके अलावा निशुल्क मानव कोचिंग संस्थान की जिम्मेदारी भी संभालते थे। वे पीपाधाम से भी जुड़े हुए रहे। धार्मिक कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी उनकी अहम भूमिका रहती थी। वे लंबे समय तक राष्ट्रीय सेवक संघ सहित अनुसांघिक संगठन सेवा भारती में वरिष्ठ पदाधिकारी रहे है।

Aima media jhalawar

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