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बोर्ड परीक्षा से पहले बच्चों को मानसिक रूप से कैसे तैयार करें।


विशेष रिपोर्ट:
योगेंद्र सिंह जादौन(फौजी)
बोर्ड परीक्षाएँ नज़दीक आते ही छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ने लगती है। इस समय बच्चों की मानसिक तैयारी शारीरिक और अकादमिक तैयारी जितनी ही ज़रूरी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही माहौल और सकारात्मक सोच से बच्चे परीक्षा का दबाव बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।
रूटीन और संतुलन ज़रूरी
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार बच्चों के लिए एक संतुलित दिनचर्या बनाना बेहद आवश्यक है। पढ़ाई के साथ पर्याप्त नींद, हल्का व्यायाम और मनोरंजन का समय तनाव कम करता है।
अभिभावकों की भूमिका अहम
अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। तुलना करने से बचें और बच्चों की छोटी-छोटी उपलब्धियों की सराहना करें। बातचीत के ज़रिए उनकी चिंताओं को समझना आत्मविश्वास बढ़ाता है।
सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को सकारात्मक बातें सिखाई जाएँ—“मैं कर सकता हूँ”, “मैंने तैयारी की है” जैसे वाक्य आत्मबल बढ़ाते हैं। परीक्षा को डर नहीं, एक अवसर के रूप में देखने की सोच विकसित करनी चाहिए।
ब्रेक और रिलैक्सेशन तकनीक
गहरी साँस लेना, ध्यान (मेडिटेशन) और छोटे ब्रेक दिमाग को शांत रखते हैं। इससे याददाश्त औ2र एकाग्रता बेहतर होती है।
निष्कर्ष
बोर्ड परीक्षा में सफलता केवल किताबों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बच्चों की मानसिक स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। सही मार्गदर्शन, प्यार और विश्वास से बच्चे न सिर्फ परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, बल्कि तनाव-मुक्त भी रहते हैं।

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