
JHAROTEF द्वारा नव नियुक्त सहायक आचार्यों का भव्य स्वागत समारोह आयोजित
गालूडीह (घाटशिला), पूर्वी सिंहभूम।
झारखंड राज्य के शिक्षक हितों के लिए कार्यरत महासंगठन JHAROTEF (झारखंड हाई स्कूल रिटायर्ड एंड ट्रेनिंग एम्प्लॉइज फेडरेशन) के तत्वावधान में नव नियुक्त सहायक आचार्यों के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन गालूडीह, घाटशिला प्रखंड अंतर्गत किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। चंदन, फूलों की माला और स्नेहपूर्ण वातावरण के बीच नव नियुक्त सहायक आचार्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया तथा उन्हें स्मृति-चिह्न स्वरूप उपहार भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मंच संचालन की जिम्मेदारी साजिद अहमद ने अत्यंत कुशलता एवं गरिमामय ढंग से निभाई। उनके संचालन ने पूरे कार्यक्रम को अनुशासित, रोचक और प्रभावशाली बनाए रखा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नव नियुक्त सहायक आचार्यों को उनके नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं और शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह में जिला सचिव उत्पल चक्रवर्ती ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर महासंगठन JHAROTEF की भूमिका, उद्देश्य और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि JHAROTEF हमेशा से शिक्षकों के अधिकारों, सेवा शर्तों, पेंशन, अवकाश, स्वास्थ्य बीमा और अन्य कल्याणकारी मुद्दों को लेकर संघर्षरत रहा है। उन्होंने नव नियुक्त सहायक आचार्यों से संगठन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठित होकर ही शिक्षक अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बना सकते हैं।
अपने संबोधन में जिला सचिव ने यह भी कहा कि नए शिक्षक न केवल विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगे, बल्कि समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नव नियुक्त सहायक आचार्य छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए नवीन शिक्षण विधियों का प्रयोग करेंगे और अनुशासन व संस्कारों को प्राथमिकता देंगे।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने नव नियुक्त सहायक आचार्यों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आपसी संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और संगठनात्मक एकता ने कार्यक्रम को और भी सार्थक बना दिया।
समापन सत्र में सभी अतिथियों एवं उपस्थित शिक्षकों का आभार व्यक्त किया गया। कुल मिलाकर यह स्वागत समारोह अत्यंत सफल, सुव्यवस्थित और प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम ने न केवल नव नियुक्त सहायक आचार्यों को सम्मान और आत्मविश्वास दिया, बल्कि संगठनात्मक एकता और शिक्षक समाज की मजबूती का भी संदेश दिया।