
कवाई: विकास की भेंट चढ़ा 'सालों पुराना' पेड़, विरोध के बीच हटाए गए अतिक्रमण
अतिक्रमण हटाने के दौरान बनारसी चौराहे पर उपजा तनाव, पुलिस ने की समझाइश; पेड़ कटने पर पर्यावरण प्रेमियों में दिखी मायूसी
कवाई (बारां), 12 जनवरी 2026
कस्बे के व्यस्ततम बनारसी चौराहे पर सोमवार को सड़क और नाला निर्माण के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन और व्यापारियों के बीच ठन गई। एक ओर जहाँ पुलिस ने सख्ती और समझाइश से पक्के अतिक्रमणों को साफ करवाया, वहीं दूसरी ओर चौराहे पर वर्षों से छाया दे रहे एक विशाल हरे पेड़ को भी निर्माण की बाधा बताकर काट दिया गया। सरकार की 'वृक्षारोपण' नीतियों के उलट हुई इस कार्रवाई ने स्थानीय लोगों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।
दुकानदारों के कड़े विरोध के बीच पहुंचा भारी पुलिस जाप्ता
सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा चौराहे पर नाले का निर्माण करवाया जा रहा है। निर्माण की जद में दुकानदारों द्वारा बनाई गई पक्की सीढ़ियां और चबूतरे आ रहे थे। जब विभाग ने इन्हें हटाने की कोशिश की, तो दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस की लंबी समझाइश के बाद अतिक्रमण हटाए गए, जिससे निर्माण कार्य का रास्ता साफ हुआ।
हरा पेड़ कटा: विकास या विनाश?
कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक चर्चा मुख्य चौराहे पर स्थित एक बड़े पेड़ को लेकर रही। एक ओर जहाँ स्थानीय नागरिकों की मांग और निर्माण की आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने इसे हटवा दिया, वहीं दूसरी ओर कस्बे के पर्यावरण प्रेमी इस फैसले से आहत दिखे। लोगों का कहना है कि:
* एक ओर सरकार करोड़ों खर्च कर पेड़ लगाने का प्रचार करती है।
* दूसरी ओर, जिन पेड़ों को मोहल्ले वालों ने अपने हाथों से पानी पिलाकर बड़ा किया, उन्हें तकनीकी बाधा मानकर काट दिया जाता है।
* पेड़ हटने से चौराहे पर स्थान तो मिला, लेकिन कस्बे की एक 'हरी धरोहर' हमेशा के लिए खत्म हो गई।
यातायात में सुधार, निर्माण को मिली गति
पेड़ और अतिक्रमण हटने के बाद चौराहे पर पर्याप्त जगह उपलब्ध हो गई है, जिससे यातायात व्यवस्था में तत्काल सुधार देखने को मिला है। सड़क और नाला निर्माण कार्य ने भी गति पकड़ ली है। प्रशासन का दावा है कि इस विस्तार से भविष्य में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। राहत की बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम के दौरान शांति बनी रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।