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राष्ट्रीय युवा दिवस पर विवेकानंद के आदर्श अपनाने का आह्वान


बारां, 12 जनवरी। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के माय भारत केंद्र बारां के तत्वावधान में सोमवार को स्थानीय राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बारां में स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिथि वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन मूल्यों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया। समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि धर्मेंद्र मेघवाल व्याख्याता एवं नीलम कपूर शारीरिक शिक्षक द्वारा स्वामी विवेकानंद जी कीे तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य वक्ता नीलम कपूर ने स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज पूरा देश उनकी 163वीं जयंती मना रहा है। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे, जिनके विचार आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रकाश स्तंभ के समान हैं। वहीं व्याख्याता धर्मेंद्र मेघवाल ने स्वामी जी के व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि नरेंद्र नाथ दत्त से स्वामी विवेकानंद बनने का सफर अदम्य साहस और ज्ञान की यात्रा है। 1893 के शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों के ऐतिहासिक संबोधन ने भारतीय संस्कृति और वेदांत का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर भारतीय राष्ट्रवाद को अध्यात्म से जोड़ा। कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि भारत सरकार ने 1984 में स्वामी जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था। इसका मूल उद्देश्य युवाओं को उनके ओजस्वी जीवन और दर्शन से परिचित कराना है, ताकि वे एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। इस प्रेरणादायक अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक भगवती बैरवा, विवेकानंद युवा मंडल बड़ां के अध्यक्ष अक्षय पंकज एवं युवा मंडल सदस्य सहित विद्यालय का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने स्वामी जी के बताए मार्ग उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको का अनुसरण करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन भगवती बैरवा ने किया एवं मनीष पोटर ने आभार जताया।

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