
बजट पूर्व संवाद में राठौड ने किसानों-पशुपालकों के लिए रखे व्यापक सुझाव, डेयरी विकास, ऋणी माफी व हाडी रानी सरस प्लाजा की मांग।
कोटा। मुख्यमंत्री कार्यालय, जयपुर में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ एवं कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने किसानों, पशुपालकों और डेयरी क्षेत्र के समग्र विकास हेतु आगामी बजट में अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
राठौड़ ने हाड़ी रानी सरस प्लाजा की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि एक आधुनिक एवं आकर्षक भवन का निर्माण किया जाए, जहां सरस के समस्त उत्पादों की बिक्री के साथ छोटे आयोजनों एवं कार्यक्रमों हेतु हॉल की सुविधा भी उपलब्ध हो। इससे सरस उत्पादों को बेहतर विपणन मंच मिलेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राठौड़ ने महिला दुग्ध समितियों को प्रोत्साहन राशि देने तथा समितियों के उपविधानों में संशोधन याद्वारा दुग्ध के साथ अन्य आवश्यक उत्पादों की बिक्री की अनुमति देने की मांग की, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और आय के नए स्रोत विकसित हों।
कृषि ऋण माफी की मांग
राठौड़ ने राज्य सरकार से मांग की कि वर्ष 2026-27 की अवधि में सहकारी भूमि विकास बैंक के माध्यम से लिए गए ऋणों की 50 प्रतिशत राशि माफ की जाए। साथ ही विवादित एवं अतिक्रमित कृषि भूमि को भी योजना में सम्मिलित करने तथा बिना रहन वाले गिरवी प्रकरणों में राहत देने का सुझाव दिया। उन्होंने धारा 89/103 के अंतर्गत बैंक संपत्ति घोषित कृषि भूमि को भी मुआवजा योजना में शामिल करने की आवश्यकता बताई।
राज्य बैंक सुदृढ़ीकरण पर जोर
उन्होंने भूमि विकास बैंकों में लंबे समय से लंबित भर्तियों को शीघ्र प्रारंभ करने, 20–25 वर्षों से कार्यरत संविदाकर्मियों के नियमितीकरण तथा भवन एवं फर्नीचर के आधुनिकीकरण हेतु बजटीय प्रावधान किए जाने की मांग रखी।
दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन
राठौड़ ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत भूमि विकास बैंक को भी शामिल करने तथा निजी डेयरियों को मान्यता दिलाने के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे दुग्ध उत्पादकों को वित्तीय सशक्तिकरण मिलेगा और संगठित डेयरी नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
2 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के डेयरी प्लांट का प्रस्ताव
राठौड़ ने कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अंतर्गत 2,00,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता का अत्याधुनिक, तकनीकी आधारित डेयरी प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे दुग्ध उत्पादकों को उचित मूल्य प्राप्त होगा तथा प्रसंस्करण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के विस्तार की मांग
उन्होंने नगरपालिका क्षेत्र में कार्यरत दुग्ध उत्पादक समितियों को भी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ देते हुए 2 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की मांग की।
राठौड़ ने पशु आहार, चारा एवं पशु चिकित्सा सेवाओं हेतु सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा मत्स्यपालन क्षेत्र की सहकारी समितियों को भी योजना में सम्मिलित करने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल सहित वरिष्ठ अधिकारी, किसान, पशुपालक एवं डेयरी संघों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।