
अंतिम समय में सतुआ बाबा की शरण में जाना ही है: योगी आदित्यनाथ
पिछले 2 सालों से उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमन्त्री परम पूज्य योगी MYogiAdityanath जी जब गोरखपुर आते है या फिर किसी भी धार्मिक स्थल पर जाते है, कार्यक्रम सरकारी हो या धार्मिक, उनके पीछे साये की तरह कदम से कदम मिलाकर चलने वाले, महाराज जी के बगल में अपना जगह सुनिश्चित रखने वाले सन्त श्री सन्तोष दास उर्फ सतुआ बाबा जरूर नजर आ ही जाते है, जिसे लेकर राजनीति गलियारों से राजनीति विश्लेषकों द्वारा तमाम तरह की खबरे चलती रहती है, लेकिन महाराज जी ने इशारे इशारे में कहा डाले की अंतिम में सतुआ बाबा के शरण में जाना ही पड़ेगा।
इस माघ मेला में जगदगुरु संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा काफी चर्चा में हैं। मेला के जमीन आवंटन के वक्त विरोध-प्रदर्शन कर वह समाचार पत्रों की सुर्खियों में रहे। फिर एक दिन मेला क्षेत्र में निरीक्षण को गए डीएम मनीष वर्मा का उनके शिविर में तवा पर रोटी सेंकने का वीडियो वायरल हो गया। इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा चल ही रही थी कि एक रोज अचानक मेला क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे डिप्टी सीएम केशव मौर्य का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्हें अफसरों से यह कहते हुए सुना गया कि सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में न पड़ो.. । इस वीडियो पर कई तरह की प्रतिक्रिया हुई। इसके कुछ दिन बाद ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव का एक
वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए माघ मेला के संदर्भ में चापलूसी रोटी का जिक्र किया। शनिवार को मेला स्थित सतुआ बाबा के शिविर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सतुआ बाबा का खास तौर से जिक्र किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि सतुआ बाबा तो जोड़ने का काम कह ही रहे हैं, और जो इस समय नहीं जुड़ेगा तो अंतिम समय में तो उसको सतुआ बाबा की शरण में वहां जाना है, काशी में मणिकर्णिका घाट पर बैठते हैं वो। बता दें कि पिछले साल आयोजित महाकुंभ में जब सतुआ बाबा को जगद्गुरु की उपाधि दी गई थी तो उस समारोह में सीएम भी शामिल हुए थे।
इस बयान को लोग अपने अपने नरजिये से देखने और समझने का काम कर रहे है, आपको क्या लगता है?