
ग्राम पंचायत भिनोदा के मुख्य मार्ग NH-130B पर कचरे का अघोषित वेयरहाउस -- स्वास्थ्य पर मंडराता गंभीर खतरा
ग्राम पंचायत भिनोदा में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शासन द्वारा सराहनीय पहल की गई है। गांव-गांव कूड़ेदान बनाए गए हैं, घर-घर कचरा संग्रहण के लिए महिला समिति गठित की गई है और समिति को मानदेय के साथ कचरा उठाने हेतु वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद जमीनी हकीकत चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। गांव के मुख्य मार्ग NH-130B पर खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है, जिससे यह मार्ग धीरे-धीरे कचरे के अघोषित भंडारण स्थल में तब्दील होता जा रहा है। सड़क किनारे बिखरा सड़ा-गला कचरा न केवल बदबू फैला रहा है, बल्कि मच्छर, मक्खी और अन्य रोग फैलाने वाले जीवों को भी आमंत्रित कर रहा है। इससे ग्रामीणों में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, त्वचा रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी निभा रही महिला समिति स्वयं व्यथित होकर ग्रामीणों से अपील कर रही है कि कचरे को गांव के बीच या सड़क पर न फैलाएं। समिति का कहना है कि जब शासन द्वारा कचरा वाहन और जगह-जगह कूड़ेदान की सुविधा दी गई है, तो उनका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा? खुले में कचरा फेंकने से न सिर्फ पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
यह स्थिति केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी की भी परीक्षा है। स्वच्छता के लिए संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद लापरवाही भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। अब समय आ गया है कि ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर सख्ती से नियमों का पालन कराएं, ताकि भिनोदा को कचरे के ढेर से नहीं, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ गांव के रूप में जाना जाए।