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इलेक्ट्रोहोमियोपैथी के आविष्कारक डा. मैटी का 217 वां जन्मोत्सव

गोरखपुर।गोरखपुर जनपद के महुवातर में अखिल भारतीय इलेक्ट्रो होम्योपैथ्स गण परिषद और इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मान्यता संयुक्त संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वावधान में इलेक्ट्रो होम्योपैथी के आविष्कारक डा. काउंट सीजर मैटी जी का 217 वां जन्मदिन दिनांक 11 जनवरी को डा. एम. के. मद्धेशिया के सर्वोत्तम क्लीनिक में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय इलेक्ट्रो होम्योपैथ्स गण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मान्यता संयुक्त संघर्ष समिति की निगरानी समिति के सदस्य डा. आर. यल. यादव जी ने महात्मा मैटी जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन कर समारोह का शुभारम्भ किया। डॉ. यादव ने अपने संबोधन में बताया की महात्मा डा. काउन्ट सीजर मैटी का जन्म इटली के बोलोग्ना शहर के रोचेता नामक किले में हुआ था। वह जमींदार घराने से थे वह प्रकृति प्रेमी व दयालु थे। ऑस्ट्रिया सेना द्वारा इटली पर आक्रमण से जनता को बचाव हेतु अपनी जिम्मेदारी का एक बड़ा उन्होंने रोम के शासक को दान कर दिया। डा. मैटी जी इटली के बुड़ियो क्षेत्र से जनता द्वारा मेंबर ऑफ पार्लियामेंट भी चुने गए । मैटी जी ने चिकित्सा जगत का काफी गहराई से अध्ययन किया और अपने परम मित्र व बोलोग्ना यूनिवर्सिटी के बॉटनी के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर पालोकोष्टा के सहयोग से सन् 1865 में इलेक्ट्रो होम्योपैथी का आविष्कार किया । डा. महेंद्र कुमार मद्धेशिया ने कहा कि मैटी जी ने अपने आविष्कार के क्रम में विचार किया कि मनुष्य का भोजन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वनस्पति जगत से संबंधित है अतः मनुष्य का उपचार भी पेड़ पौधों से होना चाहिए। अंततः पैरासेल्सस के प्रथम सिद्धांत वनस्पति जगत में विद्युत शक्ति की उपस्थिति के नियम को अपनाकर 115 पौधों से 38 औषधियां तैयार की। डॉ राजेश दुबे जी ने बताया कि मानव शरीर में रस और रक्त दो प्रमुख जैविक पदार्थ है इनमें से एक अथवा दोनों की अशुद्धता ही किसी भी रोग का प्रमुख कारण है। इलेक्ट्रो होम्योपैथी औषधियों से उनकी और अशुद्धता को दूर कर रोगी शरीर को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जाता है । डॉ राजकुमार मिश्रा ने कहा कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी एकमात्र वनस्पतियों पर आधारित एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है , जो नए व पुराने सभी रोगों का पूर्णतया हानि रहित दुष्प्रभाव रहित तत्क्षण गुणकारी इलाज प्रदान करती है। संयुक्त संघर्ष समिति के सह संयोजक डा संजय कुमार जायसवाल जी ने समस्त इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए बताया कि आज का दिन इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा जगत के लिए अत्यंत गौरव, श्रद्धा और प्रेरणा से भरा हुआ है।
इस अवसर पर डा आर यल यादव , डा राजेश दुबे , डा महेंद्र कुमार मद्धेशिया , डा योगेन्द्र कुमार पाण्डेय, डा राजकुमार मिश्रा , डा यशवंत सोनकर, डा के यल यादव , डा उमेश प्रजापति , डा पुरुषोत्तम राजभर , डा अजय शर्मा ,डा अहमद रजा सिद्दीकी, डा परमात्मा यादव ,डा चंद्रकैश , डा नेबुलाल ,डा राकेश यादव ,डा भानु प्रकाश नारायण, डा पुरुषोत्तम मद्धेशिया ,डा एम आई सिद्दीकी , डा सुरेंद्र गुप्ता, डा नवीन यादव ,डा एस पी मौर्य ,डा संजय कुमार जायसवाल, डा दिनेश कुमार जायसवाल ,डा पी के श्रीवास्तव ,डा एच एन लाल , डा वी पी गोरखपुरी ,डा आर के श्रीवास्तव व डा विनोद कुमार मिश्र उपस्थित रहे। समारोह के अंत में डा अहमदरजा सिद्दीकी की दादी के देहांत की सुचना मिलने पर सभी चिकित्सकों ने 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी

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