
शिक्षक सस्पेंड: मुजफ्फरपुर में मात्र 300 रुपये के लिए नप गए मास्टर साहब, विभाग ने किया निलंबित
मुजफ्फरपुर।
जिन शिक्षकों के कंधों पर समाज और भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी होती है, अगर वही भ्रष्टाचार के दलदल में उतर जाएं तो शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होना लाज़िमी है। ऐसा ही एक मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से सामने आया है, जहां सरैया प्रखंड के एक प्रधानाध्यापक को महज़ 300 रुपये की रिश्वत लेते हुए निलंबित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर अरार के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार पर शिक्षकों से संपत्ति विवरणी एवं अनुपस्थिति विवरणी उपलब्ध कराने के नाम पर प्रति शिक्षक 300 रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसकी प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर तक पहुंची।
वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा आरोपित प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन तय समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर ने पद के दुरुपयोग और भ्रष्ट आचरण के आरोप में प्रधानाध्यापक विनोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि के दौरान उनका निलंबन मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, मोतीपुर का कार्यालय निर्धारित किया गया है। विभागीय नियमों के अनुसार, निलंबन काल में उन्हें जीवन निर्वहन भत्ता देय होगा।
यह मामला एक बार फिर शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पूरे प्रकरण की आगे भी जांच की जा सकती है।
रिपोर्ट: संजीव समीर