
धनबाद में भव्य क्षत्रिय महा समागम का आयोजन, समाज की एकता और स्वाभिमान का दिया संदेश
धनबाद, 11 जनवरी 2026--:श्री राजपूत करणी सेना के बैनर तले रविवार को टाउन हॉल, धनबाद में भव्य क्षत्रिय महा समागम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में धनबाद जिला सहित आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग शामिल हुए और समाज की एकता व सम्मान का संदेश दिया।
महा समागम के मुख्य अतिथि श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महिपाल सिंह मकराना रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार के पूर्व सांसद श्री आनंद मोहन सिंह उपस्थित रहे। अपने संबोधन में श्री मकराना ने कहा कि क्षत्रिय समाज सदैव राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने समाज को संगठित रहने, युवाओं को जागरूक करने तथा अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक और संगठित तरीके से संघर्ष करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि श्री आनंद मोहन सिंह ने कहा कि देश के इतिहास से लेकर वर्तमान तक क्षत्रिय समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने सामाजिक एकता, आत्मसम्मान और संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राजपूत करणी सेना झारखंड प्रदेश के मुख्य संरक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर झारखंड प्रदेश महामंत्री श्री संजीव सिंह राठौर, धनबाद जिला अध्यक्ष श्री नीरज सिंह भदौरिया, जिला प्रभारी श्री नीरज सिंह सिकरवार, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्रीमती बबिता सिंह राजपूत सहित सैकड़ों क्षत्राणी एवं करणी सेना के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों, युवाओं की भूमिका, सामाजिक सम्मान और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया तथा एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
इस मौके पर करणी सेना धनबाद जिला के संरक्षक डॉ. उमा शंकर सिंह ने अतिथियों को तलवार भेंट कर सम्मानित किया। वहीं आयोजन समिति द्वारा सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदेश सचिव श्री दिलीप सिंह, शैलेन्द्र सिंह, झरिया प्रभारी नंद किशोर सिंह, कुंवर प्रताप सिंह, धनंजय सिंह, अमरेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह, विकास सिंह, विशाल सिंह, मुन्ना बजरंगी, विकास सिंह शेरा, अशोक कुंवर सिंह, समशेर सिंह, राजीव सिंह, अखिलेश सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों का अहम योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन महाराणा प्रताप के उदघोष और करणी सेना के जयकारों के साथ हुआ। आयोजकों ने महा समागम में उपस्थित सभी अतिथियों, वरिष्ठजनों, युवाओं और समाज के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।