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एटा जनपद में गेट नंबर 22 पर कल अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन, लाखों लोग सड़कों पर उतरेंगे – BKU (भानू) का ऐलान

BREAKING: छात्रों का भविष्य दांव पर, प्रशासन की लापरवाही से भड़का आक्रोश

जनपद एटा

एटा जिले के बरहन क्षेत्र में रेलवे की अमानवीय और पूरी तरह से असंवेदनशील कार्यशैली ने अब हद पार कर दी है। फिरोजाबाद-एटा सेक्शन पर LC No-22 (लेवल क्रॉसिंग नंबर 22) पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण के नाम पर मार्ग को स्थायी रूप से बंद करने की अनुमति दी गई, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था शून्य। नतीजा – हजारों स्कूली छात्रों का स्कूल जाना मुहाल, वे रोजाना इस क्रॉसिंग से गुजरकर विद्यालय पहुंचते थे, अब उनके भविष्य पर ताला लग गया है।जिलाधिकारी एटा के पत्र (दिनांक 10/12/2025) और अनापत्ति प्रमाण पत्र के बावजूद रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने तीन महीने तक मार्ग बंद रखने की अनुमति दे दी, लेकिन छात्रों, अभिभावकों और आम जनता की कोई सुध नहीं ली। यह महज निर्माण नहीं, बल्कि छात्रों के साथ खुला अन्याय और प्रशासनिक अहंकार है। कल यानी 12 जनवरी 2026 को भारतीय किसान यूनियन (भानू) के जिला अध्यक्ष पंकज सिंह के नेतृत्व में जोरदार अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और रेल रोको आंदोलन होगा। लाखों की संख्या में क्षेत्र की जनता गेट नंबर 22 पर पहुंचकर रेलवे पटरियां जाम करेगी, ताकि प्रशासन की नींद टूटे और छात्रों का भविष्य बचाया जा सके।
जिम्मेदार कौन? ये अधिकारी सीधे दोषी हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए:
उत्तर मध्य रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर/कंस्ट्रक्शन – निर्माण की अनुमति देते समय छात्रों की शिक्षा और स्थानीय यातायात पर पड़ने वाले असर को नजरअंदाज किया।
जिलाधिकारी, एटा – अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर मार्ग बंद करने की अनुमति दी, लेकिन वैकल्पिक रास्ते या अस्थायी पुल जैसी कोई ठोस व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की।
उप जिलाधिकारी , जलेसर और क्षेत्राधिकारी , जलेसर – स्थानीय स्तर पर समन्वय की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल, जनता की शिकायतों पर कान नहीं दिया।
अधिशासी अभियंता , निर्माण खंड-1, लो0नि0वि0, एटा – निर्माण कार्य में तेजी लाने के नाम पर जनजीवन को बर्बाद करने की अनदेखी।

यह मामला केवल एक क्रॉसिंग बंद होने का नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों का हनन, प्रशासन की जवाबदेहीहीनता और रेलवे की जनविरोधी मानसिकता का है। अगर प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था (अस्थायी पुल/बाईपास/स्कूल बसें) नहीं की, तो यह आंदोलन और तेज होगा और पूरे उत्तर प्रदेश में फैल सकता है।
प्रशासन को चेतावनी –छात्रों का भविष्य बंद करके आप विकास नहीं, तबाही मचा रहे हैं! तुरंत मार्ग खोलें, वैकल्पिक रास्ता बनाएं, अन्यथा जनता का गुस्सा पटरियों पर दिखेगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी-प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज होगी।
रेल रोको – छात्र बचाओ!

गेट नंबर 22 कल गूंजेगा नारों से – न्याय दो, या रेल थाम लो।
आनंद त्रिपाठी

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