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हसिबा,खेलिबा धरिबा ध्यानम,विदिशा के श्री तारा हेरिटेज में ओशो प्रेम महोत्सव का हुआ समापन।

विदिशा:ओशो प्रेम महोत्सव में बहती ध्यान एवं ज्ञान की गंगा से सराबोर हुए ओशो प्रेमी।विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में 22 ओशो प्रेमियों नें,नव संन्यास की दीक्षा ली,शिविर में भारत के विभिन्न राज्यों से 200 से अधिक ओशो प्रेमियों ने लिया भाग।ओशो आशीष ध्यान केंद्र छबड़ा से जुड़े योगाचार्य जगदीश चन्द्र शर्मा नें भी ओशो के नव सन्यास की दीक्षा लेकर,स्वामी प्रेम रामस्वरूपा के रूप में नया नाम ग्रहण कर अपने सांसारिक जीवन को किया धन्य।पंकज कुमार आर्य एवं विदिशा के ओशो मित्र मण्डल एवं अन्य सहयोगी आयोजकों के अनुसार श्री तारा रिशोर्ट सांची विदिशा में ओशो प्रेम महोत्सव का आयोजन सम्पन्न हुआ।
ओशो प्रेम महोत्सव श्री तारा रिजॉर्ट सांची विदिशा में हसिबा,खेलिबा,धरिबा ध्यान शिविर का स्वामी आनन्द एकांत जी के सानिध्य में विदिशा ओशो प्रेमियों के द्वारा दिनांक 8 जनवरी दिन गुरुवार सायंकाल 6:30 भव्य शुभारंभ हुआ।शिविर का समापन 11 जनवरी को दीक्षा समारोह के साथ समापन होगा।लायंस इंटरनेशनल मल्टीमीडिया प्रभारी एवं पूर्व अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया कि शुभारंभ के अवसर पर ध्यान शिविर संचालक मधुबन चांपा छत्तीसगढ़ से पधारे स्वामी आनंद एकांत,मां मुस्कान,राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा लायन अरुण कुमार सोनी,पंकज कुमार आर्य सहित वरिष्ठ ओशो प्रेमियों ने दीप प्रज्वलन किया।इसके पश्चात शिविर संचालक स्वामी जी का तिलक,चन्दन लगा,श्रीफल एवं फूल माला से सभी लोगों ने स्वागत,वदंन,अभिनंदन किया। इसके पश्चात स्वामी जी ने सभी को शिविर संचालन संबंधी जानकारी प्रदान करते हुए विभिन्न ध्यान के कार्यक्रम संपन्न किए।दूसरे ओर तीसरे दिन शुक्रवार,शनिवार दिनांक 9 ओर 10 जनवरी 2026 को निम्नानुसार कार्यक्रम आयोजित हुए। प्रातः - 6.00 से 6.30 - चाय,प्रातः - 6.30 से 7.15 - योगा,प्रातः - 7.30 से 8.30 - साक्रिय ध्यान (पहला सत्र) संपन्न हुआ। इसके बाद प्रातः - 8.30 से 9.30 - नाश्ता,प्रातः - 10.00 से 11.30 - द्वितीय सत्र संपन्न हुआ। दोपहरः - 12.00 से 1.30 - तृतीय सत्र संपन्न हुआ। दोपहरः - 1.30 से 3.00 - भोजन, दोपहरः - 3.00 से 3.45 - चतुर्थ सत्र संपन्न हुआ। शामः - 4.00 से 4.25 - हाई-टी / स्नेक्स, शामः - 4.30 से 5.30 - छठा सत्र संपन्न हुआ। रात्रिः - 6.30 से 8.00 - सातवा सत्र संपन्न हुआ। रात्रिः - 8.00 से 9.00 -भोजन,रात्रिः - 9.00 से 10.00 -सांस्कृतिक कार्यक्रम जोरवा नाईट्स सहित सभी ध्यान कार्यक्रम का समापन हुआ।शनिवार को भी विधिवत ध्यान के विभिन कार्यक्रम हुए सत्र का समापन केंडिल गीत से हुआ इसके पहले सोनी एण्ड म्यूजिक पार्टी ने भजन भी प्रस्तुत किये।रविवार को होगा ओशो प्रेम महोत्सव का समापन।शिविर में भारत के कई राज्यों से ओशो प्रेमी सामिल हुए,छबड़ा,बारां राजस्थान से पदारें स्वामी ध्यान गगन,स्वामी ध्यान साक्षी,योगिराज जे.सी.शर्मा उर्फ स्वामी प्रेम रामस्वरूपा,स्वामी ध्यान यात्री आदि ने भाग लिया और अच्छे आयोजन के लिए विदिशा के ओशो प्रेमियों का आभार जताया।संचालकों नें कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने के लिए लोगों को निम्न बातों का ध्यान रखने का आवाहन किया गया। ध्यान कक्ष में समय से 5 मिनट पूर्व पहुंचे, मोबाइल स्विच ऑफ रखे। सारे सत्र में आपकी उपस्थित अनिवार्य है और ध्यान कक्ष में किसी भी प्रकार की बात चीत न करें। एक बार ध्यान शुरु होने के बाद आपके प्रवेश का निषेध रहेगा।समापन पर 22 साधकों से ओशो के नव सन्यास की दीक्षा स्वामी आनन्द एकांत से ग्रहण करी।स्वामी जी ने कहा कि हमें अपने जीवन मे कम से कम 24 घण्टे के समय मेसे 5 प्रतिशत ध्यान और अपनी मासिक इनकम का 5 प्रतिशत पैदा दान में व्यय करना चाहिये।ओशो दीक्षा बाद सभी ने आपसी प्रेम जताया और सहभोज कर विदाई ली।

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