
सरकारी नियमों की अनदेखी: सरपंच प्रतिनिधि चला रहे गांव की अदालत, ग्राम कचहरी सचिव ने जताई आपत्ति*
भागलपुर (बिहार)
जगदीशपुर प्रखंड के पुरैनी दक्षिणी पंचायत में ग्राम कचहरी के संचालन में अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्राम कचहरी के सचिव फिरदौस अहमद ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में गांव की अदालत का संचालन सरपंच प्रतिनिधि द्वारा किया जा रहा है, जो सरकारी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।सचिव ने बताया कि सरकार द्वारा डिपार्टमेंटल लेटर संख्या 12653 दिनांक 27 दिसंबर 2024 एवं लेटर संख्या 1422 दिनांक 24 जनवरी 2025 के माध्यम से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ग्राम कचहरियों में दर्ज मामलों के निपटारे के लिए सप्ताह में कम से कम दो बार बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। साथ ही सभी मामलों और रिकॉर्ड को ई-ग्राम कचहरी पोर्टल पर दर्ज एवं नियमित रूप से अपडेट करना भी अनिवार्य किया गया है।
सरकारी निर्देश के अनुसार 16 जनवरी 2025 के बाद दर्ज होने वाले सभी मामलों पर केवल ई-ग्राम कचहरी पोर्टल के माध्यम से ही कार्रवाई की जाएगी। ग्राम कचहरियों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर छोटे सिविल एवं आपराधिक मामलों का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करना है, ताकि ग्रामीणों को न्याय के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।ग्राम कचहरी संचालन नियमावली, 2007 के नियम 6 के तहत यह व्यवस्था है कि सरपंच पंचों से परामर्श कर ग्राम कचहरी के नोटिस बोर्ड पर बैठक के दिन और समय की सूचना प्रकाशित करेंगे। इसके तहत यह निर्णय लिया गया है कि सभी ग्राम कचहरियां प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से बैठक करेंगी। यदि इन दिनों में कोई सरकारी अवकाश पड़ता है, तो ग्राम कचहरी सप्ताह के किसी अन्य दिन बैठक कर सकती है।निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बैठक की तिथियां ग्राम कचहरी के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएंगी तथा ग्राम कचहरी सचिव की जिम्मेदारी होगी कि वे न्याय मित्र (कानूनी सलाहकार) और दोनों पक्षों को समय पर सुनवाई की जानकारी दें।ग्राम कचहरी सचिव का कहना है कि नियमों का पालन नहीं होने से न केवल पारदर्शिता प्रभावित हो रही है, बल्कि ग्रामीणों के न्याय मिलने की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम कचहरी के संचालन में नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।इस दौरान न्याय मित्र नरेंद्र कुमार चौबे, सरपंच प्रतिनिधि नूर आलम उर्फ बबलू, पंच प्रतिनिधि निजाम अंसारी, ग्रामीण इस्लाम अंसारी, इलियास अंसारी, जावीर अंसारी, जफर अहमद खान, असद अंसारी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।