
नई दिल्ली में वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट मीटिंग
नई दिल्ली में वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट मीटिंग
भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने मध्यप्रदेश पूरी क्षमता से योगदान देने के लिये प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा
सिंहस्थ 2028 के लिए 20 हजार करोड़ के विशेष पैकेज का आग्रह
जीएसटी युक्ति-युक्तकरण का अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा सकारात्मक प्रभाव
पूंजीगत कार्यों के लिए बजट बढ़ाने का किया आग्रह
विकसित भारत जी राम जी अधिनियम से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को सभी क्षेत्रों में विकसित करने और देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था की श्रेणी में लाने के लिये बनाई नीतियों और कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश अपनी संपूर्ण क्षमता से योगदान के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जापान जैसे विकसित देश को पीछे छोडते हुए, अब भारत की अर्थव्यवस्था चौथे क्रम पर आ गयी है।इसके लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का अभिनन्दन है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को नई दिल्ली में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट मीटिंग में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ केन्द्र की योजनाओं के लिये प्रदेश के बजट में पर्याप्त प्रावधान रखा गया है। प्रदेश के कुशल वित्तीय प्रबंधन को निरंतर बेहतर बनाया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में मध्यप्रदेश के संदर्भ में सकल घरेलू उत्पाद की गणना, एस.एन.ए. स्पर्श, वस्तु एवं सेवा कर, सिंहस्थ के लिये विशेष पैकेज जैसे विषयों पर केन्द्रीय वित्त मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
सकल घरेलू उत्पाद की गणना
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश की बजटीय विश्वसनीयता और व्यय की गुणवत्ता को नीति आयोग एवं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सराहा गया है। प्रदेश निरन्तर राजस्व आधिक्य में रहा है एवं निर्धारित सभी वित्तीय सूचकांको के पालन में भी सफल रहा है।
मध्यप्रदेश जैसे विशाल प्रदेश के लिये अपेक्षाकृत अधिक वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता रहती है। मध्यप्रदेश राज्य की सकल घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक वृद्धि दर 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। 15वें वित्त आयोग की गणना के आधार पर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रूपये है। भारत सरकार द्वारा ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना के लिये प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 15 लाख 44 हजार 141 करोड़ रूपये मान्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रूपये को मान्य करने का आग्रह किया। आगामी वर्षो में भी ऋण सीमा के निर्धारण के लिये 15वें वित्त आयोग द्वारा बताई गयी गणना की प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) को ही आधार मान्य करने का अनुरोध किया है।
सिंहस्थ-2028 के लिए विशेष पैकेज
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ आयोजन के लिये 20 हजार करोड़ वित्तीय सहायता के रूप में विशेष पैकेज देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ पर्व पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माँ क्षिप्रा में स्नान कर बाबा महाकाल के पवित्र दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा उज्जैन एवं निकटस्थ क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएँ यथा सड़क निर्माण, घाट निर्माण, पुल-पुलिया निर्माण, यात्रियों के ठहरने के स्थल तथा चिकित्सालय का निर्माण आदि सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। वर्तमान में 20 हजार करोड़ रूपये से अधिक के अधोसंरचनात्मक विकास संबंधी कार्य स्वीकृत किये गये हैं।
एस.एन.ए.स्पर्श प्रणाली प्रशसंनीय
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में व्यय के लिये एस.एन.ए. स्पर्श प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एस.एन.ए. स्पर्श के समान ही प्रदेश की शत-प्रतिशत राज्य के कोष से पोषित योजनाओं के संबंध में भी प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है।
जी.एस.टी. का युक्ति-युक्तकरण सकारात्मक
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि जी.एस.टी. की दरों में किये गये युक्ति-युक्तकरण का प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव हुआ है। जी.एस.टी. की दरों का प्रभाव आम नागरिकों से संबंधित वस्तुओं यथा पनीर, ब्रेड, बटर, चीज, साबुन, शैम्पू, आदि के अतिरिक्त जीवन रक्षक दवाएँ, मेडिकल ऑक्सीजन, आदि पर होने से आमजन में हर्ष है। टेलीविजन, ए.सी., छोटी कारें, बाईक, ट्रेक्टर, सिंचाई उपकरण आदि की कीमतों में कमी होने से प्रदेश के कृषक, वेतनभोगियों एवं मध्यम वर्ग के साथ-साथ महिलाओं द्वारा भी खुशी व्यक्त की गयी है। क्रय-विक्रय में वृद्धि देखी गयी है, जिसका नि:संदेह अर्थव्यवस्था पर बहुत अच्छा प्रभाव होगा।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आम नागरिकों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए, जी.एस.टी. की दरों में किये गये युक्ति-युकतकरण के लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का प्रदेश की ओर से आभार व्यक्त किया।
पूंजीगत व्यय में बजट बढ़ाने का अनुरोध
भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में अधोसंरचना के व्यापक विस्तार के लिये विशेष पूंजीगत सहायता योजना प्रारंभ की गयी है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के फलस्वरूप प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। योजना के प्रारंभ से ही मध्यप्रदेश में इस योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करते हुएअतिरिक्त सहायता राशि भी प्राप्त की गयी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल पूंजीगत व्यय 67 हजार 441 करोड़ रुपये था, जो कि पूर्व वर्ष 2023-24 के पूंजीगत व्यय 56 हजार 539 करोड़ की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 82 हजार 513 करोड़ रूपये का पूंजीगत व्यय अनुमानित है, जो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूंजीगत व्यय 67 हजार 441 करोड़ रूपये से 22 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने प्रदेश में पूंजीगत कार्यों को और अधिक गति दिये जाने के दृष्टिगत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के अंतर्गत बजट प्रावधान में वृद्धि किये जाने का अनुरोध किया।
विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मध्यप्रदेश की ओर से केन्द्र से वित्त पोषित योजनाओं यथा, विकसित भारत जी राम जी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन, केन्द्रीय सड़क निधि, राष्ट्रीय राजमार्ग, अंतर्राज्यीय वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिये केन्द्र का आभार मानते हुए कहा कि इनसे समग्र विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी को प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन किये जाने विषयक नया अधिनियम स्वागत योग्य है। इस सराहनीय कार्य के फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री जनधन खातों के संचालन, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना को प्रभावी बनाने के लिये भी सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सार्थक योगदान देने के लिये प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है।
Dr Mohan Yadav
CM Madhya Pradesh
Jagdish Devda
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