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उन्नाव–शिवपुर माइनर: बोर्ड पर ‘काम पूरा’, जमीन पर गाद और झाड़ियां—शिकायत के बाद भी बेअसर सिस्टम

शिवपुर माइनर नहर पर 0.000 से 3.300 किमी तक सफाई कार्य पूरा होने का दावा करते हुए विभाग ने बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है। मौके पर नहर आज भी गाद, कचरे और झाड़ियों से भरी पड़ी है। पानी का बहाव बाधित है और किसानों को सिंचाई में भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
यह मामला सिर्फ मौखिक आरोपों तक सीमित नहीं है। शिकायत संख्या 40015625076302 के तहत लिखित रूप में दर्ज कराया गया है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान नहर को नुकसान पहुंचा था। उस समय अधिकारियों द्वारा नहर को दुरुस्त कराने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नहर की सफाई हुई ही नहीं, तो “कार्य पूर्ण” का बोर्ड किस आधार पर लगाया गया? क्या कागजों में काम दिखाकर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है?
सवाल साफ है—
जब शिकायत दर्ज है,
नुकसान स्वीकार किया जा चुका है,
और जमीन पर काम नजर नहीं आता,
तो फिर “कार्य पूर्ण” का बोर्ड किस सच्चाई पर टिका है?
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा और किसान यूं ही सूखी नहर के सहारे अपनी फसलों का भविष्य ताकते रहेंगे।

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