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ई-कोर्ट के नाम पर बढ़ी परेशानी: सोनहत तहसील में नामांतरण व बटवारा मामलों में आवेदक हलाकान

कोरिया। सोनहत तहसील में नामांतरण, फौती एवं बटवारा जैसे सामान्य राजस्व मामलों को लगातार ई-कोर्ट में लगाए जाने से आम आवेदकों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। विशेष रूप से रामगढ़ क्षेत्र से आने वाले ग्रामीणों को सबसे अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दूरदराज से तहसील पहुंचने वाले आवेदकों का कहना है कि पहले ये मामले तहसील स्तर पर ही अपेक्षाकृत सरल प्रक्रिया के तहत निपटा दिए जाते थे, लेकिन अब ई-कोर्ट की प्रक्रिया के कारण अनावश्यक विलंब हो रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा नामांतरण, फौती एवं बटवारा जैसे मामलों के त्वरित निराकरण के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके बावजूद सोनहत तहसील में इन मामलों को ई-कोर्ट में डालकर लंबी प्रक्रिया में उलझा दिया जा रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आर्थिक रूप से भी ग्रामीणों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ई-कोर्ट की जानकारी और तकनीकी समझ सभी को नहीं है। कई आवेदक आज भी डिजिटल प्रक्रियाओं से अनभिज्ञ हैं, ऐसे में उन्हें वकीलों या अन्य माध्यमों पर निर्भर होना पड़ता है। इससे उनका काम और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। रामगढ़ क्षेत्र के आवेदकों ने बताया कि उन्हें एक ही मामले में कई बार तहसील और न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि नामांतरण, फौती एवं बटवारा जैसे मामलों का निराकरण तहसील स्तर पर ही प्राथमिकता के साथ किया जाए, तो जनता को बड़ी राहत मिल सकती है। इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों को संज्ञान लेकर स्थिति की समीक्षा करने और आवेदकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। सूत्रों के अनुसार, सोनहत तहसील में ई-कोर्ट में भेजे जा रहे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिस पर जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है।

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