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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामानंदाचार्य के संदेश को बताया सामाजिक एकता का आधार


— प्रयागराज से विशेष रिपोर्ट
प्रयागराज। तीर्थराज प्रयाग में आयोजित श्रीमद् जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य भगवान के 726वें जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके विचारों को भारतीय सामाजिक समरसता का मूल स्तंभ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामानंदाचार्य का कालखंड विदेशी आक्रांताओं और सामाजिक विघटन की साज़िशों से भरा हुआ था, लेकिन उस कठिन दौर में भी उन्होंने समाज को जोड़ने का मार्ग दिखाया।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि उस समय विदेशी हमले हो रहे थे और समाज के ताने-बाने को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे थे। ऐसे संकटपूर्ण समय में जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने स्पष्ट संदेश दिया— “सभी जन ईश्वर के चरणों में शरणागत होने के अधिकारी हैं”। यह विचार सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने और समता की भावना को स्थापित करने वाला था।
उन्होंने आगे कहा कि रामानंदाचार्य ने लोगों को मत और संप्रदाय के आधार पर बंटने से सावधान किया और समाज को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जब समाज को एकता, समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों की सबसे अधिक आवश्यकता है।
समारोह में संत-महात्माओं, विद्वानों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान रामानंदाचार्य के जीवन, दर्शन और सामाजिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

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