
UP के मेरठ ज़िले के कपसाड़ गांव में इंसानियत शर्मसार है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले के कपसाड़ गांव में दलित महिला की नृशंस हत्या और उसकी बेटी के अपहरण की घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। एक दलित महिला जब अपनी बेटी के साथ खेत जा रही थी, तब रास्ते में दबंगों द्वारा बेटी को अगवा करने की कोशिश की गई। माँ ने जब इसका विरोध किया तो उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और बेटी को उठा ले जाया गया।
घटना को 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो पीड़ित बेटी का कोई सुराग मिला है और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने आई है। यह बेहद चिंताजनक है कि दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर सरकार और पुलिस की चुप्पी लगातार बनी हुई है।
सवाल यह है कि क्या इस मामले में भी आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के घरों पर बुलडोज़र चलेगा, या यह कार्रवाई केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित है? उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन न्याय के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है।
यह घटना साफ़ तौर पर बताती है कि सत्ता के संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अगर समय रहते सख़्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं समाज को और अराजकता की ओर ले जाएंगी।
“हिंदू राष्ट्र अभी बना भी नहीं, उससे पहले ही उसकी झलक दिखाई देने लगी है।”