
आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा के अधीक्षक को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सतेन्द्र सिंह मरकाम द्वारा विकासखंड परासिया के आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा के अधीक्षक किशोर भारती को संस्था में अत्याधिक गंदगी पाये जाने, किचन एवं निवास कक्ष में गंदगी पाये जाने तथा छात्रावासीय अभिलेख अपूर्ण पाये जाने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुये स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये है ।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग मरकाम द्वारा आज विकासखंड परासिया के आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्था में अत्याधिक गंदगी पाई गई। किचन एवं बच्चों के निवास कक्ष में गंदगी पाई गई। छात्रावासीय अभिलेख अपूर्ण पाये गये। पुस्तकें बाथरूम में रखी हुई पाई गई। साथ ही बच्चों का शैक्षणिक स्तर अत्यंत कमजोर पाया गया। बच्चों को हिन्दी का अध्ययन नहीं आता और न ही गणित विषय का कोई ज्ञान है। इससे स्पष्ट है कि अधीक्षक श्री भारती संस्था के छात्रों के अध्यापन कार्य में रूचि नहीं लेते और न ही इस संबंध में अधीक्षक श्री भारती शिक्षकों से बात करते है। अधीक्षक श्री भारती का यह कृत्य पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही एवं आश्रम संचालन के प्रति उदासीनता को प्रदर्शित करता है। साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1) (एक) (दो) (तीन) के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
इसलिये इस प्रकरण पर अधीक्षक भारती को अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के 03 दिवस की समयावधि में कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने या स्पष्टीकरण समाधानकारक न होने की स्थिति में अधीक्षक श्री भारती के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होगें।