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नशे की गिरफ्त में फँसता युवा वर्ग, समाज के लिए गंभीर चुनौती



संवाददाता: योगेंद्र सिंह जादौन(फौजी)
सबलगढ़,
देश में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति आज के युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है। कम उम्र में नशे की लत लगने से न केवल युवाओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि उनका करियर और पारिवारिक जीवन भी बर्बाद हो रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार गलत संगत, तनाव, बेरोज़गारी और सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है। कई युवा इसे तनाव से बचने का साधन मान लेते हैं, जो धीरे-धीरे लत में बदल जाता है।

नशे से मुक्ति के लिए परिवार का सहयोग, सही मार्गदर्शन और समय पर काउंसलिंग बेहद आवश्यक है। युवाओं को खेल, योग और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत है।

समाजसेवियों और प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और स्वस्थ जीवन अपनाएँ, क्योंकि नशा नहीं, जागरूकता ही उज्ज्वल भविष्य की पहचान है।नशे की ओर बढ़ते आज के नौजवान: चिंता और समाधान

आज का युवा देश का भविष्य माना जाता है, लेकिन तेजी से बढ़ती नशे की लत समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। नशा न केवल युवाओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि उनके भविष्य और परिवार को भी अंधकार की ओर धकेल रहा है।

नशे की ओर बढ़ने के मुख्य कारण:

गलत संगत और दोस्तों का दबाव

तनाव, बेरोज़गारी और असफलता की निराशा

सोशल मीडिया और फिल्मों का गलत प्रभाव

पारिवारिक संवाद की कमी

नशे से छुटकारा पाने के उपाय:

युवाओं को खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना

परिवार में खुलकर बातचीत और भावनात्मक सहयोग

स्कूल-कॉलेज स्तर पर नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम

आवश्यकता पड़ने पर काउंसलिंग और चिकित्सकीय सहायता लेना

विशेषज्ञों का कहना है कि नशा कोई आदत नहीं, बल्कि एक बीमारी है, जिसका इलाज संभव है। समाज, परिवार और सरकार को मिलकर युवाओं को सही दिशा दिखानी होगी।

अंत में यही संदेश है कि नशे से दूरी ही स्वस्थ जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।

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