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सरिस्का क्रिटिकल टाईगर हेबिबेट के प्रस्तावित ड्राफ्ट को लेकर ग्राम पंचायतों मे हुई ग्रामसभा।

संवाददाता रितीक शर्मा (अलवर)

टहला/भानगढ़: बाघ परियोजना सरिस्का के प्रस्तावित क्रिटिकल टाईगर हेबिटेट क्षेत्र प्रस्ताव पर एजेंडानुसार राजगढ़ पंचायत समिति की ग्यारह ग्राम पंचायतों मे ग्राम सभाएँ आयोजित हुई।
ग्राम पंचायत गोलाकाबास, धीरोड़ा व बलदेवगढ़ मे सैकड़ों ग्रामीण व स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया ओर राजस्व ग्राम भानगढ़ के वन क्षेत्र को सीटीएच मे शामिल किये जाने पर कस्बे सहित भानगढ़ क्षेत्र मे वर्षों से अलग अलग क्षेत्र मे बसी हुई गाँव ढाणीयों से मानवीय गतिविधि होने तथा जीविकापार्जन का प्रमुख व्यक्ति स्त्रोत पशु पालन व कृषि कार्य होने से इन पर पड़ने वाले प्रभाव से क्षेत्र मे बेरोजगारी बढ़ेगी ओर लोगों को मजबूरी मे ना चाहते हुए भी शहरों की तरफ पलायन करना पड़ेगा

ग्रामीणों ने गोलाकाबास, धीरोड़ा पंचायत क्षेत्र से बाघ परियोजना सरिस्का के प्रस्तावित CTH क्षेत्र से हटवाए जाने कि मांग करते हुए धीरोड़ा, गोलाकाबास पंचायत के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए CTH से बाहर करने का नारा लगाते हुए
ग्रामीणों ने ग्रामसभा मे मौखिक व लिखित आपत्ति पत्र देकर बताया कि क्षेत्र मे प्राचीन ऐतिहासिक व देश विदेश मे भूतिया शहर खंडहर भानगढ़ के नाम से विख्यात है यंहा देश विदेश के पर्यटक घूमने आते है वंही भानगढ़ मे कई धार्मिक स्थल भी है जंहा स्थानीय ग्रामीणों के अलावा दूर दराज दौसा जयपुर जिलों के गांवो से श्रद्धालु प्रत्येक वार को अपने आस्था स्थलों पर प्रसाद चढ़ाने, जात जडूले उतारने, सवामनी, पद यात्रा आदि लेकर आते रहते है तथा सरसा देवी मंदिर, नारायणी धाम सहित अन्य धार्मिक स्थल व आस्था के केंद्र है जंहा मानवीय गतिविधि नियमित बनी रहती है जिसके चलते बाघ विचरण के लिए स्वतंत्र क्षेत्र नहीं है
ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन व कृषि है तथा सघन व घने जंगल भी नहीं है
ग्रामवासियों ने ग्राम सभा मे बताया कि सीटीएच क्षेत्र के नए ड्राफ्ट निर्धारण मे बाघ परियोजना के समीप के क्षेत्र जो कि घने व सघन वन से अच्छादित है को नजर अंदाज करके 28 किलोमीटर दूर के क्षेत्र को शामिल किया गया है जो मुनासिब नहीं है क्योंकि उन क्षेत्रों मे मार्बल खनिज खनन एरिया आता है
ग्राम सभा मे ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी को व्यक्तिगत खातेदारी कृषि भूमि एवं सामूहिक क्षेत्र की आपत्ति का प्रार्थना पत्र भी सौंपा तथा गोलाकाबास पंचायत,धीरोड़ा पंचायत क्षेत्र से सीटीएच हटाओ आदि नारे लगाकर विरोध प्रकट करते हुए वनविभाग, जिला प्रशासन एवं सरकार से सीटीएच के नए प्रस्तावित ड्राफ्ट पर पुनर्विचार करके बाघ विचरण के लिए उपयुक्त वन क्षेत्र का पुनः निर्धारण करने की मांग की है
इस दौरान राजगढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी विक्रम सिंह गुर्जर,सरपंच उर्मिला मीना, धीरोड़ा सरपंच विश्राम मीना,बलदेवगढ़ सरपंच ममता देवी,ग्राम विकास अधिकारी नरेंद्र कुमार, ग्राम विकास अधिकारी अंकित टेलर,ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र शर्मा,गोलाकाबास वन नाका के वनपाल विकास कुमार, वन रक्षक सुमन गुर्जर,वन रक्षक मनोज कुमार मीणा, टहला भाजपा मण्डल अध्यक्ष गिर्राज प्रसाद शर्मा,भाजपा के पंचायत समिति सदस्य हंसराज महावर, ग्रामीण सुदामा मीना, कौशल कुमार भारद्वाज,रामस्वरूप पटेल, रामदयाल गुर्जर, रमेश चंद बगड़ावत सहित सैंकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे
ग्रामसभा मे पंचायत क्षेत्र के सैंकड़ो से अधिक ग्रामीण ग्रामसभा मे उपस्थित होकर सिटीएच से पशुधन व कृषि व्यवसाय मे होने वाले नुकसान, वन क्षेत्र के समीप बसी छितराई हुई ढाणीयां, वन क्षेत्र मे होकर आवाजही के प्रमुख रास्तों आदि प्रतिबंधित होने से ग्रामीणों को होने वाले सभी प्रकार के नुकसान आदि के सुझाव व आपत्ति दर्ज करवाई है तथा निजी कृषि भूमि के खातेदारों ने भी आपत्ति दी है ग्राम सभा का आयोजन देर शाम पांच बजे तक जारी रहा
उधर टहला,नाडू,राजोरगढ़,मल्लाना,तिलवाड़,खोह दरीबा, टोड़ा जयसिंह पुरा मे भी ग्राम सभाओं का आयोजन हुआ जिसमे ग्रामीणों ने भाग लेकर सीटीएच के नए ड्राफ्ट पर परामर्श, सुझाव आदि पर परिचर्चा करके आपतियाँ दर्ज करवाई।

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