
जनपद पंचायत देवरी की पंचायतों में सरपंच–सचिवों की मनमानी, आरटीआई कानून की खुलेआम अवहेलना
जनपद पंचायत देवरी की पंचायतों में सरपंच–सचिवों की मनमानी, आरटीआई कानून की खुलेआम अवहेलना
देवरी।
जनपद पंचायत देवरी अंतर्गत ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं सचिवों की मनमानी लगातार सामने आ रही है। आरोप है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 जैसे महत्वपूर्ण कानून की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, वहीं इस पूरे मामले में जनपद पंचायत स्तर के अधिकारियों का सहयोग भी इन परोक्ष रूप से मिलता नजर आ रहा है।
स्थिति यह है कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों पर महीनों बीत जाने के बावजूद न तो जांच पूरी हो पा रही है और न ही कोई ठोस कार्यवाही सामने आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जनपद पंचायत देवरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मनीषा चतुर्वेदी विगत कई महीनों से लंबी छुट्टी पर हैं, जिसके चलते प्रशासनिक व्यवस्था लगभग ठप हो गई है। सीईओ की अनुपस्थिति में न तो लंबित प्रकरणों की सुनवाई हो रही है और न ही पंचायतों में व्याप्त अनियमितताओं पर नियंत्रण रखा जा रहा है।
इसका सीधा लाभ पंचायतों के सरपंच और सचिव उठा रहे हैं, जो बिना किसी भय के अपने तरीके से कार्य कर रहे हैं।
विशेष रूप से ग्राम पंचायत कुसमी एवं सिंहपुर पंचायत के सरपंच–सचिवों पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारियों को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं।
आरटीआई, जो प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही का सबसे सशक्त माध्यम माना जाता है, उसे ही दरकिनार किया जा रहा है। समय-सीमा में जानकारी न देना कानून का स्पष्ट उल्लंघन है, फिर भी जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार इतना सुरक्षित हो गया है कि कई अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशासन का कोई भय नहीं रह गया है। नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, क्योंकि जवाब मांगने वाली व्यवस्था ही महीनों से निष्क्रिय पड़ी है।
अब क्षेत्र के नागरिकों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। आम जनता को उम्मीद है कि जिला प्रशासन शीघ्र संज्ञान लेकर जनपद पंचायत देवरी की पंचायतों में व्याप्त अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराएगा और दोषी सरपंचों, सचिवों एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेगा। सवाल यही है कि जिला प्रशासन कब जागेगा और कब जनता को न्याय मिलेगा।