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पूर्वी सिंहभूम में 4G E-POS मशीनों का वितरण, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी बोले – तकनीक से पारदर्शी व सुगम होगा राशन वितरण

जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम)।
बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा में शुक्रवार को जिला स्तरीय E-POS मशीन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 20 जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) संचालकों के बीच सांकेतिक रूप से 4G E-POS मशीनों का वितरण किया।
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष, जिला परिषद उपाध्यक्ष, उप विकास आयुक्त, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, बीडीओ, एमओ, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी पीडीएस संचालकों को आधुनिक 4G E-POS मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे राशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुगम होगी। इससे लाभुकों के साथ-साथ विक्रेताओं के समय की भी बचत होगी और तकनीकी समस्याएं कम होंगी।
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि धान अधिप्राप्ति योजना के तहत खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में 15 दिसंबर 2025 से बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से पंजीकृत किसानों से धान की खरीद की जा रही है। इस वर्ष किसानों को ₹2450 प्रति क्विंटल की दर से एकमुश्त एवं त्वरित भुगतान किया जा रहा है। किसान ई-उपार्जन मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं पंजीकरण, स्लॉट बुकिंग और भुगतान की स्थिति देख सकते हैं।
पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल 53 धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर 4G E-POS मशीनों के माध्यम से धान की खरीद की जा रही है।
जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कुल 4,19,425 परिवारों के 15,76,667 सदस्यों का राशन कार्ड बनाया गया है। इनमें प्राथमिकता प्राप्त गृहस्थ परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम तथा अन्त्योदय अन्न योजना के अंतर्गत प्रति परिवार 35 किलोग्राम चावल एवं गेहूं निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 41,525 परिवारों को प्रति लाभुक 5 किलोग्राम खाद्यान्न निःशुल्क दिया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि पीवीटीजी डाकिया योजना के तहत जिले के 5,105 आदिम जनजाति परिवारों को 35 किलोग्राम चावल घर-घर पहुंचाया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र योजना के अंतर्गत जिले के 17 नियमित केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 4,600 गरीब व्यक्तियों को ₹5 प्रति थाली की दर से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके साथ ही सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना, चना दाल वितरण योजना, नमक वितरण योजना एवं चीनी वितरण योजना के माध्यम से पात्र लाभुक परिवारों को नियमित रूप से अनुदानित एवं निःशुल्क खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष के तहत राशन कार्ड से वंचित योग्य लाभुकों को भी न्यूनतम दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि कोई भी व्यक्ति भूख से वंचित न रहे।

आनंद किशोर
ब्यूरो चीफ, अखंड भारत न्यूज़
ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन

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