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CJI सूर्यकांत बोले- हांसी मेरी जन्म और कर्मभूमि, यहां के विकास में नहीं छोड़ेंगे कसर; वकीलों को हार्दिक ईएक्स होने की सलाह दी।

हरियाणा, हांसी, 9 जनवरी को भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और बदलते अपराध स्वरूप से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अधिवक्ताओं को आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा। न्यायपालिका में तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और विभिन्न भाषाओं में न्यायालयों के निर्णयों का अनुवाद कर उन्हें आमजन तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि लोग न्यायिक फैसलों को सहजता से समझ सकें।

मुख्य न्यायाधीश शुक्रवार को हांसी बार एसोसिएशन द्वारा स्थानीय न्यायिक परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय न्यायपालिका ने आधुनिक तकनीक का विश्व स्तर पर सर्वाधिक प्रभावी उपयोग किया है। बढ़ते न्यायिक दबाव को देखते हुए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता का न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और न्यायिक व्यवस्था का निरंतर विस्तार हुआ है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था के चलते विदेशी निवेश बढ़ा है, जिससे वाणिज्यिक वादों में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे स्वयं को आधुनिक तकनीक से लैस रखें और समय के अनुरूप अपडेट करें। अपराधों के स्वरूप में आए बदलाव, विशेषकर साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है। आमजन को न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका को उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हांसी उनकी जन्म व कर्मभूमि है और यहां के लोगों की भलाई के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए हांसी को जिला बनाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यहां शीघ्र ही सेशन डिवीजन स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश से हांसी न्यायिक परिसर में ई-लाइब्रेरी सुविधा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि न्यायिक सेवा में उनके 22 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और इस अवसर पर उन्होंने हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनने पर जिलेवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने न्यायिक व्यवस्था के क्षेत्र में देशभर में विशिष्ट पहचान बनाई है और जीवन की चुनौतियों को स्वीकार कर उनसे मजबूती से मुकाबला करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में हांसी जिला बार एसोसिएशन के प्रधान पवन रापड़िया ने मुख्य न्यायाधीश व अन्य अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें पगड़ी, पटका व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। विभिन्न अधिवक्ताओं द्वारा मुख्य न्यायाधीश की धर्मपत्नी, प्रशासनिक न्यायाधीशों एवं वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर हांसी के उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल ने मुख्य न्यायाधीश को उनका चित्र भेंट किया, जबकि एसडीएम राजेश खोथ ने उनके स्वर्गीय पिता का चित्र भेंट किया। इससे पूर्व लोक निर्माण विश्राम गृह पहुंचने पर मुख्य न्यायाधीश को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक विनोद भयाना, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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